गुर्जर आंदोलन सातवें दिन भी जारी
राजस्थान के चार जिलों दौसा, टोंक, भरतपुर और भीलवाड़ा में आंदोलनकारियों ने जयपुर-दिल्ली, अजमेर-इंदौर,जयपुर-कोटा और दिल्ली-मुम्बई रेल मार्ग को ठप कर दिया है।
इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार आरक्षण दिए जाने की प्रक्रिया को जल्द पूरा करना चाहती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आंदोलन जल्द ही खत्म हो जाएगा।
प्रधान सचिव स्तर की एक समिति बयाना में मौजूद है जिससे कि गुर्जर प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए आएं और इस मसले का समाधान निकाला जा सके। वार्ता में हिस्सा लेने के लिए राज्य के ऊर्जा मंत्री जितेंद्र सिंह पर बयाना पहुंच चुके हैं।
आंदोलन के चलते हजारों की संख्या में रेल यात्री फंसे हैं जबकि जयपुर जाने वाले राजमार्ग पर ट्रकों की कतार लग गई है। आगरा से भरतपुर होकर जयपुर जाने वाली रेलगाड़ियों को स्थगित कर दिया गया है। कुछ रेलगाड़ियों का मार्ग परिवर्तित किया गया है।
रेल अधिकारियों ने कहा कि इस खंड पर रेल पटरियों को भी कुछ नुकसान पहुंचा है। इस बीच सात दिन से जारी आंदोलन से आगरा पर्यटन विभाग को काफी क्षति पहुंच रही है।
'आगरा होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन' के अध्यक्ष राकेश चौहान ने कहा कि दिल्ली-जयपुर-आगरा मार्ग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
उल्लेखनीय है कि 15,000 से अधिक गुर्जर राजस्थान में सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर सोमवार से आंदोलनरत हैं। उनका नेतृत्व आरक्षण संघर्ष समिति के समन्वयक के.एस. बैंसला कर रहे हैं।
गुर्जर इसके पहले भी वर्ष 2006 और 2008 में उग्र प्रदर्शन कर चुके हैं, इन प्रदर्शनों में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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