अजमेर विस्फोट में प्रयुक्त कार मिली
जयपुर, 25 दिसम्बर (आईएएनएस)। राजस्थान पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि उसे वह कार मिल गई है, जिसमें 2007 में अजमेर में विस्फोट के लिए विस्फोटक सामग्री ले जाई गई थी।
इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 30 से अधिक घायल हो गए थे।
राजस्थान एटीएस के एक अधिकारी ने शनिवार को आईएएनएस को बताया, "हमने मध्य प्रदेश की पंजीयन संख्या वाली उस हुंडई सेंट्रो कार को खोज निकाला है, जिसका इस्तेमाल दरगाह में विस्फोट करने के लिए विस्फोटक सामग्री पहुंचाने में किया गया था।"
उन्होंने कहा कि इस कार में विस्फोट सामग्री इंदौर से गोधरा (गुजरात), फिर अजमेर ले जाई गई थी।
एटीएस हालांकि इस सवाल पर चुप्पी साधे हुए है कि यह कार कहां मिली।
दस्ते ने इस मामले में वांछित अन्य पांच संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान भी की है। अधिकारी ने कहा, "हमने जिन पांच लोगों की पहचान की है, वे हैं- भवेश, देवेश, सन्नी, मुकेश और मेहुल। हमें काफी दिनों से उनकी तलाश है।"
एटीएस ने अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में हुए विस्फोट के सिलसिले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
दस्ते ने अक्टूबर में अजमेर की अदालत में बम विस्फोट के पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें आरोप लगाया गया कि 11 अक्टूबर, 2007 को विस्फोट करने वाले कट्टरवादी हिंदू संगठन अभिनव भारत के समर्थक थे।
एटीएस ने देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, चंद्रशेखर लव, संदीप डांगे और रामजी कलसांग्रे पर हत्या, हत्या का प्रयास, षड्यंत्र रचने, धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने एवं अपवित्र करने तथा अन्य अपराधों के आरोप लगाए हैं।
गुप्ता, शर्मा, लव इस समय न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि डांगे और कलसांग्रे फरार हैं।
इस मामले के एक अन्य आरोपी सुनील जोशी की जांच के दौरान मौत हो चुकी है।
अपने 806 पृष्ठों के आरोप पत्र में एटीएस ने कहा है कि इस विस्फोट की साजिश 21 अक्टूबर, 2005 को यहां के एमआई रोड स्थित गुजराती समाज गेस्ट हाउस के कमरा संख्या 26 में हुई एक गुप्त बैठक में रची गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता इंद्रेश कुमार, अभिनव भारत के स्वामी असीमानंद, जय वंदे मातरम संगठन की साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भी मौजूद थीं।
एसटीएस के सूत्र के अनुसार जांच को आगे बढ़ाने के लिए इस मामले में इंद्रेश कुमार को अभियुक्त बनाया गया है। कुमार का नाम षड्यंत्रकारी के रूप में दर्ज है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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