आईओसी के सार्वजनिक निर्गम पर अभी तक फैसला नहीं
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सचिव एस. सुंदरेशन ने कहा कि आईओसी के एफपीओ के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसलिए इसे टालने का सवाल ही पैदा नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि एक अन्य कम्पनी ओएनजीसी अगले साल मार्च के आसपास एफपीओ के जरिए पांच फीसदी हिस्से का विनिवेश करेगी।
सरकारी तेल कम्पनियों को हो रहे भारी नुकसान (अंडर रिकवरी) के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें नुकसान से डरने की जरूरत नहीं है। उनकी समस्या का समाधान खोजा जाएगा।
तेल उद्योग में अंडर रिकवरी का मतलब यह है कि तेल बेचने वाली कम्पनियां उत्पादन लागत से कम कीमत पर तेल बेच रही हैं। इन कम्पनियों को 2006-07 से 50,000 करोड़ से 1.5 लाख करोड़ तक का नुकसान हो चुका है।
वे पूर्वी मिदनापुर जिले में एक नई हाइड्रोक्रैकर इकाई राष्ट्र को अर्पित करने और इंडियन ऑयल के हल्दिया रिफाइनरी की क्षमता विस्तार संबंधी कार्यक्रम के बाद बयान दे रहे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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