अटल की कविताएं ही बन गईं बधाई संदेश
'काल के कपाल पर लिखता हूं मिटाता हूं/ गीत नया गाता हूं..' 'जन्म-मरण अविरल का फेरा जीवन बंजारों का डेरा..' जैसी अटल की विभिन्न कविताओं की पंक्तियां लिखे होर्डिगों से राजधानी के तमाम इलाकों को भाजपा कार्यकर्ताओं ने पाट दिया।
बड़ी तस्वीर लगी इन होर्डिगों के माध्यम से भाजपा कार्यकताओं ने अटलजी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं तथा उनकी लंबी उम्र की कामना की।
होर्डिग लगवाने वाले भाजपा प्रदेश इकाई के सदस्य हीरो वाजपेयी ने आईएएनएस से कहा कि अटल जी सक्रिय राजनीति में न होने के बावजूद देशभर की जनता के प्रेरणास्रोत हैं। इस बार हमने अटल जी के जन्मदिन पर अलग तरीके के बधाई संदेशों वाले होर्डिग लगाने के बारे में सोचा।
उन्होंने कहा, "हमने सोचा कि क्यों न अटल जी की कविताओं की पंक्तियां उन्हीं को समर्पित कर उन्हें जन्मदिवस की बधाई दी जाए। इसलिए कि उनकी कविताएं प्रेरणादायक होने के साथ-साथ यथार्थ के बेहद करीब हैं। पार्टी नेताओं के अलावा अन्य लोगों को भी यह अंदाज पसंद आया।"
हीरो वाजपेयी के मुताबिक कविता 'काल के कपाल' इतनी रोचक कविता है कि रास्ते पर आने-जाने वाले लोग उसे पढ़कर गुनगुना रहे हैं और बधाई संदेश के इस अनोखे अंदाज की तारीफ कर रहे हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय में बी.ए. (तृतीय वर्ष) के छात्र अनिमेष चौरसिया कहते हैं, "अटल जी निश्चित तौर पर देश के बड़े करिश्माई नेताओं में से एक हैं। उनकी कविताएं सरल हैं, इसलिए जल्द ही जुबान पर चढ़ जाती हैं।"
उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी लखनऊ से पांच बार सांसद रह चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज एजेंसी।


Click it and Unblock the Notifications