करुणाकरन का अंतिम संस्कार, प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि (लीड-2)
करुणाकरन का दो दिनों पहले तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पातल में निधन हो गया था। वह 92 वर्ष के थे। करुणाकरन चार बार केरल के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
लगभग 300 किलो चंदन की लकड़ी पर रखे उनके शव का अंतिम संस्कार शाम पांच बजे किया गया। नम आंखों से हजारों की संख्या में जुटी भीड़ ने अपने नेता को अश्रुपूर्ण विदाई दी।
मनमोहन सिंह एक विशेष विमान से कोच्चि पहुंचे और वहां से एक हेलीकॉप्टर के जरिए यहां पास स्थित एक स्थान पर उतरे। वहां से वह शहर के टाउन हाल पहुंचे, जहां पर करुणाकरन का पार्थिव शरीर रखा हुआ था।
मनमोहन सिंह यहां 2.20 बजे पहुंचे और उन्होंने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सफेद कुर्ता-पायजामा और नीली पगड़ी में मनमोहन सिंह ने करुणाकरन के परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की। सिंह ने वहां उपस्थित राज्य के मंत्रियों और कैबिनेट के सहयोगियों से अपनी संवेदना जाहिर की।
प्रधानमंत्री वहां लगभग 10 मिनट तक रहे और उसके बाद वह नई दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गए। प्रधानमंत्री के साथ नई दिल्ली से पार्टी महासचिव मोहसिना किदवई व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद भी थे।
इस मौके पर केरल के राज्यपाल आर.एस.गवई भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री के प्रस्थान के बाद दिवंगत नेता का पार्थिव शरीर पार्टी के जिला कार्यालय ले जाया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को ही तिरुवनंतपुरम स्थित पार्टी कार्यालय में करुणाकरन को अंतिम श्रद्धांजलि दी। करुणाकरन सोनिया गांधी के दिवंगत पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ-साथ इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के भी बेहद करीबी थे।
करुणाकरन का पार्थिव शरीर तिरुवनंतपुरम से सुबह आठ बजे यहां पहुंचा था। शव को यहां पहुंचने में 18 घंटे से भी अधिक की देरी हुई, क्योंकि दिवंगत नेता का अंतिम दर्शन करने के लिए पूरे रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
करुणाकरन की हालत पिछले सप्ताह बिगड़ गई थी और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। उनकी हालत सुधर रही थी, लेकिन बुधवार को उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। गुरुवार शाम 5.30 बजे उनका निधन हो गया। करुणाकरन के परिवार में उनका बेटा के. मुरलीधरन और बेटी पद्मजा वेणुगोपाल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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