करुणाकरन के निधन से केरल में क्रिसमस का उत्साह फीका
कुछ गिरजाघरों में मध्यरात्रि के तुरंत बाद विशेष प्रार्थनाएं शुरू हुईं तो कहीं-कहीं ये प्रार्थनाएं सुबह शुरू हुईं। इस अवसर पर गिरजाघरों में केक और वाइन वितरित की गई।
केरल के ईसाई बहुल जिलों में क्रिसमस की मध्यरात्रि पर बहुत अधिक संख्या में पटाखे छोड़े जाते हैं लेकिन शुक्रवार को इसमें कमी देखी गई।
दरअसल शुक्रवार की शाम करुणाकरन के शव को ईसाई बहुल इलाकों से होते हुए त्रिशूर ले जाया गया था, जहां शनिवार की शाम उनका अंतिम संस्कार होगा।
कांग्रेस के इस 92 वर्षीय नेता का गुरुवार शाम निधन हो गया था। जब उनके शव को ले जाया जा रहा था तो तिरूवनंतपुरम से कोल्लम के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 47 पर हजारों की संख्या में मौजूद उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए इंतजार कर रहे थे।
केरल में ईसाई समुदाय की आबादी 3.2 करोड़ है और प्रदेश के मध्य के जिलों में 22 प्रतिशत ईसाई रहते हैं।
क्रिसमस की विशेष प्रार्थनाओं के बाद लौटे ईसाई समुदाय के लोगों के घरों में पारम्परिक अप्पम के नाश्ते का दौर चला। इस अवसर पर तरह-तरह के केक और केले से बने खाद्य पदार्थो का भी सेवन किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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