कश्मीर में सर्दी में विद्यालय बंद करने पर विचार
एक उच्च आधिकारिक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, "घाटी में कड़ाके की सर्दी के चलते छात्रों को विद्यालय पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लिहाजा एक जनवरी से विद्यालयों को बंद करने का लगभग फैसला किया जा चुका है।"
सूत्र ने बताया कि राज्य के वित्त विभाग ने कक्षा नौवीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं की कक्षाएं जारी रखने के फैसले पर भी सवाल उठाया है। इन कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं आयोजित हो चुकी हैं।
घाटी में इस साल गर्मी में चार महीने तक असंतोष के चलते विद्यालय बंद रहे। लिहाजा पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए सर्दी में भी स्कूलों को खुला रखने का फैसला किया गया था।
अब इस फैसले पर विचार किया जा रहा है और स्कूलों को बंद किया जा सकता है। लोग स्कूल खुला रखने के फैसले पर तमाम सवाल उठा रहे हैं।
प्रधानाध्यापक मास्टर गुलाम नबी ने कहा, "हड्डी कंपा देने वाली सर्दी में विद्यालय खुला रखना न ही संभव है और न ही सुविधाजनक। कड़कड़ाती सर्दी में स्कूलों को खुला रखना उचित नहीं है। वर्ष 1880 से महाराजा प्रताप सिंह के जमाने से सर्दी में विद्यालय बंद रखे जाते हैं।"
उन्होंने कहा, "कश्मीर में सर्दी में विद्यालय खुला रखने से क्या फायदा है। कक्षा में गर्मी पैदा करने वाले उपकरण तो लगाए जा सकते हैं, लेकिन छात्र कड़ी सर्दी में स्कूल कैसे पहुंच सकेंगे।"
कश्मीर घाटी और लद्दाख क्षेत्र में शनिवार को तापमान शून्य से नीचे रिकार्ड किया गया। इसकी वजह से डल झील सहित अन्य जलाशयों में बर्फ जम गए।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -5.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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