सेन के सजा की एमनेस्टी ने निंदा की

एमनेस्टी ने एक बयान में कहा है कि इससे छत्तीसगढ़ के संकटग्रस्त इलाके में तनाव भी बढ़ सकता है।

एमनेस्टी के एशिया प्रशांत क्षेत्र के निदेशक, सैम जरीफी ने कहा, "आजीवन कारावास किसी के लिए भी असामान्य रूप से एक कठिन सजा है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता के लिए तो यह बहुत ही कठिन है, जिस पर कभी भी हिंसा का कोई आरोप नहीं लगा हो।"

बयान में कहा गया है, "भारत की राज्य और केंद्र सरकारों को चाहिए कि सेन के खिलाफ लगाए गए राजनीति से प्रेरित इन आरोपों को तत्काल उठा लिए जाएं और उन्हें रिहा कर दिया जाए।"

ज्ञात हो कि सेन को छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम-2005 और गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम-2004 के तहत राजद्रोह और साजिश रचने के लिए शुक्रवार को दोषी पाया गया था। इन आरोपों में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

जरीफी ने कहा, "एमनेस्टी इंटरनेशनल सेन को अंतरात्मा का कैदी मानता है। सेन को उन कानूनों के तहत दोषी ठहराया गया है, जो आपराधिक मामलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों से बहुत हल्के हैं।"

जरीफी ने कहा, "यह सजा अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर गम्भीर असर डालेगी, जो जन शिकायतों के लिए एक शांतिपूर्ण मंच मुहैया कराते हैं, खासतौर से घरेलू जनजातीय आबादी के लिए।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+