वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में शामिल होंगे छह कनाडाई सांसद
टोरंटो, 25 दिसम्बर (आईएएनएस)। वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में कनाडा के छह सांसदों सहित करीब दर्जन भर कनाडाई कारोबारी हिस्सा लेंगे। उनका मकसद भारत के इस सबसे तेजी से प्रगति कर रहे राज्य में निवेश करना होगा। कनाडा भी इस साल जापान के साथ इस सम्मेलन का साझीदार देश है।
यह सम्मेलन 2003 से हर दो साल पर प्रवासी भारतीय दिवस के तुरंत बाद आयोजित होता है। सम्मेलन का मकसद राज्य के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करना होता है।
इससे पहले 2009 में सम्मेलन में कुल 243 अरब डॉलर के 8,662 समझौते पर हस्ताक्षर किये गए थे।
विनिपेग में कारोबार कर रहे एक गुजराती कारोबारी हेमंत शाह ने आईएएनएस से कहा कि इस साल सम्मेलन में और बेहतर परिणाम रहेंगे, क्योंकि जापान के साथ कनाडा भी सम्मेलन के साझेदार देश के रूप में शामिल हो रहा है। उन्हें कनाडा की कम्पनी से स्वच्छ ऊर्जा, पानी, स्वास्थ्य, कृषि खाद्य और अन्य सेक्टरों में निवेश की उम्मीद है।
टोरंटो के एक अन्य कारोबारी विजय पाण्ड्या ने आईएएनएस से कहा कि कनाडा के छह सांसदों के साथ 50 से 70 कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल भारत आ रहा है। इससे पता चलता है कि कनाडा भारत के इस राज्य को कितना महत्व दे रहा है।
पांड्या ने कहा कि 12-13 जनवरी को गांधीनगर में होने वाले इस सम्मेलन में कई समझौते पर हस्ताक्षर के लिए बातचीत जारी है। उल्लेखनीय है कि अहमदाबाद में कनाडा के व्यापारिक कार्यालय खुलने का एक साल भी पूरा नहीं हुआ है।
सम्मेलन में एक बड़ा पैवेलियन लगाने के अलावा कनाडा दो सेमिनार भी आयोजित करेगा, जिसमें से एक कनाडा में निवेश पर केंद्रित होगा।
गुजरात में पहले से कनाडा की कई कम्पनियां कारोबार कर रही हैं। इनमें बम्बार्डियर और टर्बोप्रोप के संयंत्र जहां बड़ोदा के निकट सावली में हैं, वहीं मैक्कै न फूड का संयंत्र अहमदाबाद के निकट है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications