सीबीआई छापों के बाद कलमाडी ने खुद को बेकसूर बताया (लीड-5)
सीबीआई ने कहा कि अधिकारियों की टीम ने दिल्ली, मुम्बई एवं पुणे में स्थित कलमाडी के अवासों, आयोजन समिति के दिल्ली स्थित दफ्तर और पुणे में उनके एक सहयोगी के घर छापेमारी की। छापेमारी शुक्रवार सुबह सात बजे शुरू हुई।
सीबीआई की पुलिस उप महानिरीक्षक विनीता ठाकुर ने आईएएनएस से कहा, "छोपमारी आज तड़के शुरू हुई। हमारी कार्रवाई अभी जारी है।"
पुणे में सूत्रों ने बताया कि कार्वे रोड पर स्थित कलमाडी के आवास पर सीबीआई के सात सदस्यीय दल ने सुबह करीब 7.30 बजे छापेमारी की। उनके करीब मनोज भोरे के घर की भी तलाशी ली गई।
पुणे से कांग्रेस सांसद कलामाडी का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है और वह किसी भी जांच का सामना करने को तैयार हैं।
कलमाडी ने संवादाताओं से बातचीत में कहा, "मैंने हमेशा कहा है कि राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन बहुत ही सफल रहा। मैं और आयोजन समिति किसी भी जांच को तैयार है।"
उन्होंने कहा, "हम सीबीआई को पूरा सहयोग कर रहे हैं और हम पूरी गहराई से इस मामले की जांच को तैयार हैं।"
कलमाडी ने कहा, "मैंने सीबीआई के प्रमुख को तीन दिन पहले ही खत लिखा है और उन्हें पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।"
उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि सीबीआई की कार्रवाई 'बहुत मामूली और काफी विलंब' से हुई है।
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा, "समूचा देश जानता है कि राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ा यह घोटाला 70,000 करोड़ रुपये से अधिक का है। सीबीआई की कार्रवाई 'बहुत मामूली और काफी विलंब' से हुई है।"
वहीं भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अलग राग अलापते हुए कहा कि वह छापेमारी का स्वागत करते हैं लेकिन तीन से 13 अक्टूबर तक चले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए नीति बनाने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जरूरत है।
उन्होंने कहा, "कलमाडी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।"
सीबीआई का अभियान सुबह सात बजे तीन शहरों में शुरू हुआ। छापामार दस्ते के अधिकारी नई दिल्ली से पुणे और मुम्बई आए।
मुम्बई में कलमाडी का आवास वर्ली के पोचकनवाला रोड पर स्थित है। सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, "दिल्ली से आई एक टीम ने छापेमारी की। तीन घंटे तक छापेमारी चली।" सीबीआई ने कलमाडी के सहयोगी विनोद सुर्वे और पी. के. श्रीवास्तव से भी पूछताछ की, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
सीबीआई एक कम्पनी से 107 करोड़ रुपये में टाइम स्कोरिंग बोर्ड की हुई खरीददारी में धांधली की जांच कर रही है। कलमाडी ने दावा किया है कि उन्होंने कोई गड़बड़ी नहीं की है और किसी भी तरह की जांच के लिए वह तैयार हैं।
कलमाडी पर लगे आरोपों में एक आरोप यह भी है कि उन्होंने करोड़ों रुपये अधिक खर्च किए। उन्होंने अपना बचाव करते हुए कहा है कि आयोजन समित द्वारा ज्यादातर उपकरण काफी विलंब से खरीदे गए, क्योंकि खेल स्थल तैयार नहीं होने के कारण उन्हें रखने की जगह का अभाव था।
कलमाडी कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं और वर्ष 2009 में वह पुणे से तीसरी बार लोकसभा के लिए चुने गए। वह चार बार राज्यसभा के भी सदस्य रहे हैं।
कलमाडी के तीन और सहयोगी टी. एस. दरबारी, संजय महेंद्रू और एम. जयचंद्रन खेलों के आयोजन से जुड़े एक अन्य वित्तीय धांधली के मामले में जेल में बंद हैं।
आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट और कोषाध्यक्ष ए. के. मट्ट से भी सम्पर्क नहीं हो सका।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications