पुस्तक मेले में विदेशी प्रकाशकों का टोटा
अमूमन दिल्ली पुस्तक मेले का आयोजन सितम्बर में किया जाता है, लेकिन इस बार तीन से 14 अक्टूबर तक राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के चलते इसकी तिथि दिसम्बर के लिए टल गई थी। भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) और भारतीय प्रकाशक संघ (एफआईपी) संयुक्त रूप से इसका आयोजन करते हैं।
पुस्तक मेले के निदेशक शक्ति मलिक ने कहा, "इस साल त्योहारों के समय में क्रिसमस और नए साल के समारोहों के दौरान 25 दिसम्बर से दो जनवरी तक पुस्तक मेले का आयोजन होगा। इसलिए इसमें अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से कम प्रकाशक हिस्सा लेंगे।"
पुस्तक मेले की शुरुआत में केवल एक ही दिन शेष है और अब तक केवल दो देशों चीन और पाकिस्तान ने इसमें शामिल होने की पुष्टि की है। प्रकाशकों को त्योहारों का मौसम होने की वजह से किताबों की बिक्री प्रभावित होने का डर है।
'इंडस' प्रकाशन की अनिता शर्मा कहती हैं कि अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशकों, खासकर अमेरिका और ब्रिटेन के प्रकाशकों के मेले में शामिल न होने से कारोबार प्रभावित हो सकता है क्योंकि कई पाठकों को यूरोपीय लेखकों की किताबों की तलाश रहती है और ये किताबें खूब बिकती हैं।
वैसे आयोजनकर्ताओं का मानना है कि इससे पुस्तक प्रेमी भारतीय पुस्तकों पर ही अपना ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। मेले में 270 भारतीय और कुछ विदेशी प्रकाशक भाग ले रहे हैं।
आईटीपीओ की सोमा चक्रवर्ती ने आईएएनएस को बताया कि इस साल मेले का विषय 'ग्रामीण भारत' है।
इंडो-एशिया न्यूज सर्विस।


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