सेन दोषी करार, गिरफ्तार किए गए (लीड-1)
जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी.पी.वर्मा ने सेन को भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए और 120 बी तथा छत्तीसगढ़ विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत कई धाराओं के तहत दोषी पाया है।
बिनायक सेन के भाई दीपांकर सेन ने रूंधे गले से अदालत परिसर में मीडियाकर्मियों से कहा, "मैं बेजुबान हो गया हूं, कृपया मुझे अकेला छोड़ दीजिए।"
पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) की राष्ट्रीय महासचिव कविता श्रीवास्तव ने नाराजगी के साथ कहा, "यह मामला छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस द्वारा गढ़ा हुआ है। फैसले पर विश्वास कर पाना कठिन है। हम इसके खिलाफ अपील करेंगे।"
पीयूसीएल के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र के.सेल ने कहा, "यह अन्याय है, पूरी तरह निराशाजनक। सेन के खिलाफ कोई सबूत नहीं था। हम इसके खिलाफ अपील करेंगे।"
सेन को नक्सली विचारक, नारायण सान्याल के साथ कथित सम्बंधों के लिए 2007 में बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने मई 2009 में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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