बेनजीर हत्याकांड : मुशर्रफ को प्रश्नों की सूची भेजी गई
समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार मुशर्रफ को ऐसे समय में प्रश्नों की सूची भेजी गई है, जब गिरफ्तार किए गए दो पूर्व पुलिस अधिकारियों ने जांचकर्ताओं को बताया कि जिस दिन भुट्टो की हत्या हुई थी, कुछ खुफिया अधिकारी उनके सम्पर्क में थे। मुशर्रफ फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और लंदन में आत्मनिर्वासन का जीवन बिता रहे हैं।
ज्ञात हो कि 27 दिसम्बर, 2007 को रावलपिंडी शहर में भुट्टो की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह एक चुनावी रैली को सम्बोधित करने के बाद वहां से जा रही थीं। सीसीटीवी फुटेज में एक किशोर हमलावर भुट्टो के सिर पर निशाना साधे हुए देखा गया था। उसके बाद एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ, जिसमें रैली में हिस्सा लेने आए कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई थी।
आंतरिक मंत्रालय ने उस समय तालिबान पर भुट्टो की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। जबकि चिकित्सकों ने कहा था कि उनका सिर कार की छत से टकराने के कारण उनकी मौत हुई थी।
जांच दल के वकील चौधरी जुल्फिकार के हवाले से डॉन ने कहा है, "हमने जनरल मुशर्रफ को सवालों की सूची भेजी है और उनके जवाबों का इंतजार किया जा रहा है।"
'डॉन' के अनुसार आंतरिक मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि मुशर्रफ को भेजे गए दस्तावेज में सुरक्षा खामी के बारे में पूछे गए सवाल शामिल हैं और उनसे पूछा गया है कि उन्होंने भुट्टो को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया क्यों नहीं कराई, जबकि भुट्टो ने अपने जान पर खतरा होने की आशंका जताई थी।
मुशर्रफ के प्रवक्ता फवाद चौधरी ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ का भुट्टो की सुरक्षा से कुछ भी लेना-देना नहीं था। चौधरी ने सरकार द्वारा मुशर्रफ को सवालों की सूची भेजे जाने को मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करार दिया है।
इसके पहले, एक आतंक निरोधी अदालत ने गुरुवार को रावलपिंडी शहर के पूर्व पुलिस प्रमुख सऊद अजीज और पुलिस अधीक्षक खुर्रम शहजाद को छह दिनों के लिए फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी के हिरासत में दे दिया। एजेंसी पुलिस अधिकारियों के उन मोबाइल फोन्स को बरामद करने की कोशिश करेगी, जिनका इस्तेमाल वे भुट्टो की हत्या के दिन कर रहे थे।
विशेष सरकारी वकील, चौधरी जुल्फिकार ने कहा कि गिरफ्तार पुलिस अधिकारियों ने जांचकर्ताओं को बताया कि खुफिया एजेंसी, इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस (आईएसआई) और मिलिट्री इंटेलिजेंस के चार अधिकारी हत्या वाले दिन उनके सम्पर्क में थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications