दिल्ली मेट्रो ने पूरे किए 8 साल
दिल्ली मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2010 में अक्टूबर में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान मेट्रो यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई थी क्योंकि खिलाड़ियों की सुविधा के लिए खेलों के दौरान अलग लेन बना दिए जाने से जगह-जगह जाम की समस्या पैदा हो गई थी। जिससे परेशान लोगों ने मेट्रो का रुख किया था।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 24 दिसम्बर 2002 को पहली दिल्ली मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
मेट्रो में पिछले कुछ महीनों से कई बार तकनीकी खराबी आ जाने से हुई दिक्कतों के बावजूद लोग मेट्रो से सफर करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। मेट्रो के कई दैनिक यात्रियों ने बढ़ती भीड़ को लेकर काफी शिकायतें की थीं।
दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) ने समस्या को ध्यान में रखते हुए द्वारका-नोएडा और द्वारका-आनंद विहार रूट पर छह कोच की दो मेट्रो चलाने का निर्णय लिया।
डीएमआरसी के मुताबिक इस कदम के बाद यात्रियों को भारी भीड़ से कुछ राहत मिलेगी। दो अतिरिक्त कोच जुड़ने से 600 अतिरिक्त यात्री सफर कर सकेंगे। चार कोच की एक ट्रेन में कुल 1,200-1,500 लोग यात्रा करते हैं जबकि छह कोच वाली ट्रेन में 1,800-2,100 लोग सफर कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 16 लाख यात्री मेट्रो से सफर कर रहे हैं और ऐसी उम्मीद है कि छह कोच वाली मेट्रो की शुरुआत के बाद यात्रियों की संख्या प्रतिदिन 25 लाख तक पहुंच जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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