देश की अर्थव्यवस्था में खादी की विशेष महत्ता : पटेल
नई दिल्ली, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनशा पटेल गुरुवार को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करने की वजह से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र की विशेष महत्ता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में न्यूनतम निवेश के साथ रोजगार सृजन की अपार क्षमता है।
पटेल की अध्यक्षता में यहां राष्ट्रीय खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड (एनकेवीआईबी) की बैठक हुई जिसका उद्देश्य देशभर में खादी और ग्रामोद्योगों (केवीआईसी) के समग्र विकास का मार्गदर्शन करना था।
इस अवसर पर अपने संबोधन में पटेल ने कहा कि खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करके राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र की विशेष महत्ता है। उन्होंने कहा कि सरकार देश में केवीआईसी के विकास के प्रति वचनबद्ध है। वर्तमान वर्ष में केवीआईसी के लिए आवंटन 919़20 करोड़ से बढ़ाकर 1518़75 करोड़ कर दिया गया है। उन्होंने केवीआईसी से कहा कि कोष का उपयोग समय से किया जाए।
पटेल ने कहा कि खादी क्षेत्र के सुधार में एमडीए योजना एक प्रमुख प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में न्यूनतम निवेश के साथ रोजगार सृजन की अपार क्षमता है। केवीआईसी की अध्यक्ष कुमुद जोशी ने कहा कि केवीआईसी का मूल उद्देश्य इस क्षेत्र के कताई कारीगरों, बुनकरों और हस्तशिल्पियों को दीर्घकालीन रोजगार उपलब्ध कराना है।
बैठक के दौरान, एमएसएमई के सचिव उदय वर्मा ने कहा कि कोष आवंटन के मामले में कोई समस्या नहीं है। मंत्रालय ने इसके लिए आने वाले बजट (2011-12) में 2866 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है।
बैठक में, एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र के अलावा राज्य सरकारों, बैंकिग, विपणन क्षेत्र के विशेषज्ञ भी शामिल हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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