शरीर के तापमान से कवक संक्रमण से बचाव

अमेरिका के 'अलबर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन' के प्रोफेसर व अध्ययनकर्ता आर्टुरो कैसैडेवाल कहते हैं, "मानव व अन्य विकसित स्तनधारियों के बारे में एक रहस्य यह है कि उनके शरीर का तापमान अन्य जानवरों की अपेक्षा बहुत ज्यादा क्यों होता है।"

शोध से ज्ञात हुआ है कि तापमान में प्रत्येक एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के साथ कवक के संक्रमण की दर में छह प्रतिशत की कमी आ जाती है।

इसका मतलब है कि कवक की ज्यादातर प्रजातियां सरीसृपों, उभयचरों और ठंडे-रक्त वाले अन्य जानवरों को संक्रमित करती हैं और उनकी कुछ सौ प्रजातियां ही स्तनधारियों में संक्रमित होती हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+