न्यायालय ने कहा, तिवारी को करानी होगी पितृत्व जांच
नई दिल्ली, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को यहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी को डीएनए जांच कराने का निर्देश दिया। एक व्यक्ति ने दावा किया है कि तिवारी उसके जैविक पिता हैं। उसके दावे की सत्यता जांचने के लिए न्यायालय ने यह निर्देश दिया है।
तिवारी की उस दलील जिसमें उन्होंने कहा कि न्यायालय उन्हें डीएनए जांच कराने के लिए निर्देश नहीं दे सकता है, उसे खारिज करते हुए न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट ने कहा कि जांच के लिए तिवारी को अपने खून के नमूने देने की जरूरत है।
तिवारी ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता रोहित शेखर के दावे की सत्यता जांचने के लिए न्यायालय उन्हें पितृत्व जांच के लिए बाध्य नहीं कर सकता।
ज्ञात हो कि इस वर्ष की शुरुआत में तिवारी एक उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय गए थे। उच्च न्यायालय ने शेखर द्वारा दायर पितृत्व मुकदमे को चुनौती देने वाली तिवारी की याचिका खारिज कर दी थी।
उच्च न्यायालय में तिवारी ने तर्क दिया कि शेखर ने अपने जन्म के 31 वर्ष बाद पितृत्व का मुकदमा उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से दायर किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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