बहस नहीं, जेपीसी चाहिए : भाजपा
पार्टी का कहना है कि वह बहस नहीं, बल्कि इसकी जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराना चाहती है।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम जेपीसी पर बहस नहीं, बल्कि जेपीसी चाहते हैं।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने प्रणब के प्रस्ताव पर आश्चर्य जताया है।
माकपा नेता नीलोत्पल बसु ने कहा कि उनकी पार्टी ने मुखर्जी के प्रस्ताव पर अभी विचार नहीं किया है। बसु ने आईएएनएस से कहा, "यह प्रस्ताव अद्भुत तरीके से सामने आया है।"
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) नेता डी. राजा ने कहा कि जेपीसी की मांग उचित है। सरकार यह स्पष्ट करे कि वह क्यों इससे पीछे हट रही है।
मुखर्जी ने बुधवार को कहा था कि वह स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी से जांच की जरूरत पर बहस के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें 'दुख' है कि वह शीतकालीन सत्र के गतिरोध को खत्म नहीं करवा सके।
मुखर्जी ने गुरुवार को हालांकि शीतकालीन सत्र में संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए विपक्ष की आलोचना की और कहा कि विपक्ष को इसके लिए 'माफी' मांगनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि विपक्ष 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच जेपीसी से कराने की मांग करता रहा है। आरोप है कि इस घोटाले में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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