समीक्षा बैठक में लालू से इस्तीफे की मांग (लीड-1)
राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से हार के कारणों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से हार के कारणों का मुख्य कारण धर्मनिरपेक्ष मतों का बिखराव तथा राजद के परम्परागत मतों का बिखराव माना गया।
उन्होंने कहा कि राजद को पिछले चुनाव की अपेक्षा ज्यादा मत मिले हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मात्र 39 प्रतिशत मत मिले जबकि उसके विरोध में 61 प्रतिशत मत मिले। इस तरह राजग के विरोध में 61 प्रतिशत लोग रहे। हालांकि उन्होंने कहा, "हम गिनती में हारे जरूर हैं लेकिन हमें लोगों ने नकारा नहीं है। राजद आज भी अपने सिद्घांतों के साथ आगे बढ़ेगी।"
इसके पहले पार्टी के पूर्व विधायक अखलाक अहमद ने समीक्षा बैठक के दूसरे दिन राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद से पिछले विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार की नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।
बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए अहमद ने कहा कि बैठक में उन्होंने लालू प्रसाद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस्तीफे के बाद लोगों में यह संदेश जाएगा कि सच में लालू प्रसाद पार्टी को सुधारना चाहते हैं। हालांकि अहमद की मांगों को बैठक में उपस्थित सारे नेताओं ने नकार दिया।
इधर, राजद के महासचिव रामकृपाल यादव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राजद के सभी नेताओं ने लालू प्रसाद को सर्वमान्य नेता माना है। इस कारण उनके इस्तीफे का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि अहमद को विधानसभा में टिकट नहीं दिया गया था, जिसके कारण वे नाराज हैं। यादव का कहना है कि वे पार्टी के प्रति कितने जिम्मेवार है यह पहले उन्हें देखना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2010 में करारी हार के बाद राजद की पटना में मंगलवार से दो दिवसीय समीक्षा बैठक चली। पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर चली इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद के अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह, पार्टी के सांसदों, पूर्व सांसदों, विधायकों और पूर्व विधायकों, विधान पार्षदों और पार्टी पदाधिकारियों सहित सभी जिला अध्यक्षों ने हिस्सा लिया।
ज्ञात हो कि पिछले विधानसभा चुनाव में राजद ने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। राज्य के 243 विधानसभा सीटों में राजद ने जहां 22 सीटों पर विजय पायी थी वहीं लोजपा मात्र तीन सीट ही हासिल कर सकी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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