असंभव सा है पूरी तरह से निरस्त्रीकरण : मेदवेदेव
भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान, बम्बई में विद्यार्थियों के साथ बातचीत में मेदवेदेव ने कहा, "निकट भविष्य में पूरी तरह से निरस्त्रीकरण असंभव सा है। सामूहिक विनाश के हथियारों (डबल्यूएमडी) का इस्तेमाल धीरे-धीरे कम हो रहा है।"
उन्होंने कहा, "मेरे साथी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा स्टार्ट को कानून निर्माताओं द्वारा मंजूरी दिलाने के लिए उन्हें राजी करने में जुटे हैं। मुझे उम्मीद है कि वह सफल होंगे।"
उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि यदि अमेरिका इस संधि को मंजूरी नहीं देता है तो रूस भी इसे आगे नहीं ले जाएगा।
ईरान के साथ रूस के सम्बंध पर पूछे गए सवाल के जवाब में मेदवेदेव ने कहा, "हमारे ईरान के साथ परमाणु सम्बंधों को लेकर अच्छे रिश्ते हैं। ईरान को अपने क्षेत्र के निरीक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को अनुमति देनी चाहिए। हमारी चिंताएं इससे जुड़ी हैं।"
उन्होंने कहा कि यदि ईरान ऐसा नहीं करता तो उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा।
मेदवेदेव से यह पूछे जाने पर कि क्या वेबसाइट विकिलीक्स को उसके खुलासे के लिए प्रशंसा की जानी चाहिए अथवा निंदा। इस पर उन्होंने कहा कि यदि यह सवाल उनसे नहीं पूछा गया होता तो वे चकित होते।
उन्होंने कहा ऐसे संदेशों के प्रकाशन से राष्ट्रों के बीच सम्बंधों को धक्का पहुंच सकता है। "कूटनीति चुपचाप की जाने वाली गतिविधि है और इसलिए सम्बंधित बातचीत को तत्काल सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए। यही यदि 50-100 बाद हो तो इससे सम्बंधों पर असर नहीं पड़ेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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