जेपीसी पर 'मनमोहन' के खिलाफ राजग ने छेड़ा 'महासंग्राम' (राउंडअप)

देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित महासंग्राम रैली में एकजुट हुए राजग नेताओं ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री को निशाने पर लिया।

रैली को सम्बोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री से अंतिम बार अपील कर रहे हैं कि वह स्पेक्ट्रम घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की विपक्ष की मांग मान लें।

प्रधानमंत्री द्वारा जेपीसी के गठन की मांग को खारिज किए जाने के लिए आडवाणी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उनके (सोनिया) कारण ही मनमोहन सिंह जेपीसी के खिलाफ है। उन्होंने कहा, "मैं अंतिम बार यह अपील कर रहा हूं। आपको हमारी मांग स्वीकार करने का अधिकार है। आपको कोई नहीं रोक सकता। आप प्रधानमंत्री हैं और 10 जनपथ के निर्देशों का इंतजार करने के बजाए अपने पद का इस्तेमाल कीजिए।"

आडवाणी ने कहा, "कृपया हमारी मांग मान लीजिए और आप जो भी कहना चाहें, जेपीसी के समक्ष कहिए।" आडवाणी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री इसके लिए राजी नहीं होते हैं, तो 2010 भ्रष्टाचार और घोटालों के साल के रूप में याद किया जाएगा।

आडवाणी ने हालांकि प्रधानमंत्री पर निशाना तो साधा लेकिन उन्होंने उनके इस्तीफे की मांग करने से परहेज किया जबकि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरूण जेटली ने प्रधानमंत्री से जेपीसी के गठन की मांग की और ऐसा न कर पाने की स्थिति में उन्हें पद छोड़ने की सलाह दी।

जेटली ने कहा कि सिर्फ जेपीसी ही इस बात का पता लगा सकती है कि दूसरी पीढ़ी के स्पेक्ट्रम को 2008 में बाजार कीमत से कम दर पर क्यों आवंटित किया गया। लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष उपस्थित होने को तैयार हैं, और वह जेपीसी के गठन के खिलाफ हैं।

जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह प्रस्ताव विपक्ष को स्वीकार नहीं है, और यदि वह इस घोटाले में जेपीसी का सामना नहीं करना चाहते तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।

राजग संयोजक शरद यादव ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "खुद को निर्दोष बताकर प्रधानमंत्री अपनी जिम्मेदारी से कैसे मुक्त हो सकते हैं। जेपीसी की हमारी मांग संवैधानिक है और ऐसा भी नहीं है कि पहली बार जेपीसी से किसी मामले की जांच कराई जानी है। इससे पहले भी चार मौकों पर जेपीसी का गठन हो चुका है। फिर यह सरकार जेपीसी से क्यों भाग रही है।"

भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने भी कांग्रेस और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की तीखी आलोचना की।

स्वराज ने कहा, "आखिर उन्हें जेपीसी से डर क्यों लग रहा है। हम जो सवाल उठा रहे हैं, उसका जवाब न तो पीएसी दे सकती है और न सर्वोच्च न्यायालय ही। यदि उनके पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है तो फिर वे जेपीसी से डर क्यों रहे हैं?"

जनता से 'भ्रष्ट' संप्रग सरकार को हटाने का आह्वान करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को यह उजागर करना चाहिए कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन, राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी एवं मुम्बई के आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाले के लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा कि राजग 'तख्त बदल दो ताज बदल दो भ्रष्टाचारियों का राज बदल दो' नारे के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में रैलियों का आयोजन करता रहेगा।

रैली में भाजपा और जनता दल (युनाइटेड) के अलावा शिव सेना और अकाली दल ने भी हिस्सा लिया। शिव सेना के अनंत गीते ने भी प्रधानमंत्री को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनकी सरकार हिन्दू आतंकवाद के नाम पर पूरे देश में दंगे करवाना चाहती है और खुद इसका राजनीतिक लाभ लेना चाहती है।

अकाली दल के रतन सिंह अजनाला ने सीधे तौर पर कहा कि कांग्रेस ने जितना देश को लूटा है उतना तो किसी ने भी नहीं लूटा। उन्होंने कहा कि देश को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने लूटा और अब कांग्रेस लूट रही है। इसलिए आए दिन घोटाले हो रहे हैं।

बहरहाल, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। कांग्रेस ने दावा किया है कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस कार्रवाई कर रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा, "भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस जहां एक तरफ ठोस कार्रवाई कर रही है वहीं दूसरी तरफ भाजपा फर्जी रैली कर रही है और दोहरे मापदंड अपना रही है।"

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि भाजपा ने पहली बार मनमोहन सिंह पर हमला बोला है और उनके इस्तीफे की मांग की है।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री कार्यालय बहुत ही साफ-सुथरे ढंग से और पारदर्शिता से चलाया जा रहा है।"

इसके पहले विपक्ष ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी जांच की मांग को लेकर संसद का पूरा शीतकालीन सत्र नहीं चलने दिया था। उल्लेखनीय है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितताओं के आरोपों के कारण केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए.राजा को इस्तीफा देना पड़ा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+