उपग्रह का क्रायोजेनिक इंजन सुरक्षित : इसरो
उपग्रह जीएसएटी-5पी वर्ष 1999 में छोड़े गए इनसेट 2ई की जगह लेगा। यह अंतरिक्ष में जाकर टेलीकॉम, टेलीविजन और मौसम की सेवाओं को जारी रखेगा। इसे सोमवार को छोड़े जाने की योजना है।
इसरो रविवार को इसे अंतरिक्ष में छोड़ने वाला था लेकिन जियोसिनक्रोनोस उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) के इंजन के एक वाल्ब में रिसाव आने के चलते इसका प्रक्षेपण स्थगित कर दिया गया। इस उपग्रह के क्रायोजेनिक इंजन का निर्माण रूस में हुआ है।
इस तकनीकी खराबी का पता उपग्रह की जांच के दौरान चला। इस उपग्रह की लम्बाई 51 मीटर है और इसे यहां से 80 किलोमीटर दूर श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से छोड़ा जाएगा।
इसरो के निदेशक एस. सतीश ने आईएएनएस को बताया, "उपग्रह का जांच परिणाम संतोषजनक है और उपग्रह को अंतरिक्ष में छोड़े जाने की तिथि पर अंतिम निर्णय लिया जा रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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