भूख हड़ताल पर बैठक नायडू की बिगड़ सकती है स्थिति (लीड-1)

ज्ञात हो कि नायडू का अनशन बुधवार को छठे दिन भी जारी है। चिकित्सक नायडू के शरीर में दवा की खुराक डालने में विफल रहे हैं।

नायडू को फिलहाल निजाम चिकित्सा विज्ञान संस्थान (एनआईएमएस) में रखा गया है, लेकिन वह नस के जरिए (आईवी) शरीर में तरल खुराक डाले जाने की चिकित्सकों की कोशिशों में लगातार प्रतिरोध खड़ा कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार नायडू का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार नायडू ने चिकित्सकों से बचने के लिए यहां तक कि बुधवार सुबह अपने कमरे का दरवाजा भी अंदर से बंद कर लिया। चिकित्सकों ने मंगलवार रात नायडू के शरीर में तरल खुराक चढ़ाने की दो बार कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। नायडू ने गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भी जाने से इंकार कर दिया है।

नायडू के निजी चिकित्सक और प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञ बी.सोमराजू के नेतृत्व में चिकित्सकों ने नायडू केस्वास्थ्य की जांच की और उनके स्वास्थ्य को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डी.एल.रविंद्र रेड्डी ने कहा, "उनके स्वास्थ्य के सभी पहलुओं की जांच करने के बाद चिकित्सकों ने कहा है कि किसी भी समय स्थिति हाथ से निकल सकती है और इसका उनके हृदय पर असर हो सकता है।"

रेड्डी ने कहा कि सरकार नायडू के इलाज के लिए सबकुछ करेगी, क्योंकि एक दंडाधिकारी ने आदेश दिया है कि नायडू के स्वास्थ्य का ख्याल रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि नायडू अनशन तोड़ दें तो सरकार किसानों की समस्या पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाने को तैयार है।

एनआईएमएस के निदेशक पी.वी. रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने नायडू के कमरे में आईसीयू की सभी सुविधाएं मुहैया कराई है। उन्होंने एक बार फिर नायडू के परिजनों से आग्रह किया है कि वे अपने स्वास्थ्य को देखते हुए अपना अनशन तोड़ दें।

विपक्ष के नेता नायडू को सोमवार को गिरफ्तार कर अस्पताल लाया गया था। वह तभी से इलाज से इंकार कर रहे हैं। वह तब तक अपना अनशन तोड़ने को तैयार नहीं हैं, जब तक सरकार उन किसानों के राहत के लिए कोई बड़ा पैकेज देने को तैयार नहीं हो जाती, जिनकी फसलें हाल की बारिश में नष्ट हो गई थीं।

चार मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार रात नायडू से मिला था और अनशन तोड़ने का उनसे आग्रह किया था। प्रतिनिधिमंडल ने नायडू से कहा था कि सरकार पहले ही अब तक का सर्वोत्तम पैकेज किसानों के लिए घोषित कर चुकी है, जबकि उससे राजकोष पर 2,200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। लेकिन तेदेपा प्रमुख ने प्रतिनिधिमंडल का आग्रह खारिज कर दिया।

नायडू ने अपनी पत्नी भुवनेश्वरी की सलाह भी अनसुनी कर दी है। भुवनेश्वरी अस्पताल में नायडू के साथ हैं। जूनियर एनटीआर और कल्याणम जैसे फिल्म अभिनेताओं सहित नायडू के रिश्तेदारों ने उनसे मुलाकात की और अनशन तोड़ने की अपील की।

तेदेपा ने स्थिति की समीक्षा करने तथा भावी कार्यक्रम तय करने के लिए बुधवार शाम पोलित ब्यूरो की आपात बैठक और विधायकों की एक अलग बैठक बुलाई है।

नायडू के स्वास्थ्य को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी तेदेपा ने राज्यभर में आंदोलन तेज कर दिया है। कांग्रेस और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को छोड़कर तेदेपा मुख्यालय, एनटीआर ट्रस्ट भवन में एक सर्वदलीय बैठक भी हुई है।

इसके पहले तेदेपा विधायक ई.दयाकर राव ने कहा था, "हमारे नेता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक राज्य और केंद्र सरकारें किसानों को बचाने के लिए आगे नहीं आतीं, तब तक वह अनशन नहीं तोड़ेंगे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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