स्थायी सदस्यता पर मेदवेदेव ने अपना समर्थन दोहराया
भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान, बम्बई में आयोजित एक समारोह में छात्रों को सम्बोधित करते हुए मेदवेदेव ने कहा, "एक बड़ा देश होने के नाते भारत का हक बनता है कि उसका यूएनएससी में प्रतिनिधित्व हो। हालांकि, यह आसान नहीं है, इसके लिए सदस्य देशों के बीच सहमति बनानी होगी और रूस इसमें भारत का समर्थन करेगा।"
राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में अपना समर्थन जारी रखने की बात कही।
मेदवेदेव ने कहा, "भारत और रूस सुरक्षा और रक्षा में भागीदार हैं। देश की रक्षा करना भारत और सभी देशों का विशेषाधिकार है।"
उन्होंने कहा, "आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में यदि भारत हमारी मदद चाहेगा तो हम उसकी मदद करेंगे।"
समारोह में करीब 250 विद्यार्थियों और 40 से अधिक संकाय सदस्यों ने शिरकत की।
उल्लेखनीय है कि रूसी राष्ट्रपति अपने तीन दिनों की भारत यात्रा पर मंगलवार को यहां पहुंचे। भारत और रूस ने मंगलवार को 29 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें अत्याधुनिक जेट लड़ाकू विमानों के विकास, बैंक सेवाओं में इजाफा और स्टील संयंत्र की स्थापना प्रमुख रूप से शामिल है।
मुम्बई पहुंचने से पहले मेदवेदेव ने बुधवार को आगरा स्थित ताजमहल का दीदार किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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