प्रधानमंत्री 10 जनपथ का इंतजार करते हैं : आडवाणी
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से यहां रामलीला मैदान में आयोजित एक रैली को सम्बोधित करते हुए आडवाणी ने कहा, "हर मुद्दे पर वह इस बात के लिए इंतजार करते हैं कि 10 जनपथ क्या कहता है।"
उल्लेखनीय है कि 10 जनपथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का सरकारी आवास है।
आडवाणी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन की जेपीसी जांच का आदेश देने का अधिकार है। आडवाणी ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि वह पद की शक्ति महसूस करें।"
भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तत्कालीन संचार मंत्री ए.राजा द्वारा भेजे गए एक पत्र को केवल स्वीकार करके एक बड़ी गलती की है। उस पत्र में राजा ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से सम्बंधित अपनी योजना का संकेत दिया था।
आडवाणी ने कहा, "प्रधानमंत्री ने पत्र को स्वीकार किया और एक तरीके से राजा को अपनी मंजूरी दे दी।"
पूर्व उपप्रधानमंत्री आडवाणी ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के एक मंत्री ने संसद में जारी गतिरोध के दौरान उनसे कहा था कि प्रधानमंत्री को जेपीसी से कोई आपत्ति नहीं है और इसके लिए मंत्रियों की एक बैठक बुलाई जाएगी। आडवाणी ने कहा, "हम उम्मीद कर रहे थे कि इस बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा। लेकिन ऐसा क्यों नहीं हुआ, मैं नहीं बता सकता।"
आडवाणी ने कहा कि राजग की रैली और सड़क पर इसके मौजूदा आंदोलन का मकसद जेपीसी जांच के लिए दबाव बनाना है। आडवाणी ने कहा, " हमारे पास जेपीसी जांच की मांग करने का अधिकार है। विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है।"
आडवाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री को जेपीसी जांच की मांग मान लेनी चाहिए ताकि 2010 को घोटालों का साल करार न दिया जा सके। उन्होंने कहा, "यदि किसी के पास जेपीसी जांच स्वीकार करने का अधिकार है, तो वह प्रधानमंत्री ही हैं। उन्हें जेपीसी की मांग स्वीकार करनी चाहिए।"
आडवाणी ने इस मौके पर बताया कि अगले दो महीने के दौरान गुवाहाटी, मुम्बई, चेन्नई, कानपुर, रोहतक, लुधियाना, जयपुर, भोपाल, अहमदाबाद और हैदराबाद में भी राजग की रैलियां आयोजित की जाएंगी और राजग जेपीसी जांच की मांग स्वीकार करने के लिए प्रधानमंत्री पर हमला करता रहेगा।
ज्ञात हो कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में 2008 में दूरसंचार कम्पनियों को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटित किए जाने के तरीके की आलोचना की गई है और कहा गया है कि इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। सीएजी की रिपोर्ट पिछले महीने संसद में पेश की गई थी।
इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनके पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है और वह 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन पर किसी भी प्रश्न का जवाब देने के लिए लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष उपस्थित होने को तैयार हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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