निठारी कांड : कोली को चौथा मृत्युदंड मिला (लीड-1)
गाजियाबाद, 22 दिसम्बर (आईएएनएस)। निठारी हत्याकांड में 12 वर्ष की बच्ची को अगवा करने, उसके साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या किए जाने के मामले में दोषी सुरेंद्र कोली को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने यहां बुधवार को मौत की सजा सुनाई।
वर्ष 2006 में प्रकाश में आए श्रृंखलाबद्ध हत्याओं के इस जघन्य मामले में कोली को यह चौथा मृत्युदंड मिला है।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ए.के.सिंह ने जब अपना फैसला सुनाया तो कोली उस समय अदालत में मौजूद था और शांत था। कोली से इस फैसले पर प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। फैसला सुनाए जाने के बाद पुलिसकर्मी उसे अदालत के पिछले दरवाजे से लेकर चले गए।
सीबीआई के विशेष वकील जे.पी.शर्मा ने कहा कि अदालत ने कोली को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 364, 376 और 201 के तहत दोषी पाया था।
शर्मा ने कहा कि कोली को दीपाली (12) की हत्या करने के लिए मौत की सजा सुनाई गई है।
अदालत ने पीड़िता को अगवा करने के लिए कोली को आजीवन कारावास की भी सजा सुनाई और 6,000 रुपये का जुर्माना किया। बच्ची के साथ बलात्कार करने के लिए अदालत ने उसे सात साल के कारावास की सजा सुनाई और 1,000 रुपये का जुर्माना किया।
शर्मा ने कहा कि सबूत नष्ट करने के लिए भी कोली को सात वर्ष कारावास की सजा दी गई है और 1,000 रुपये जुर्माना किया गया है। सभी सजाएं एकसाथ चलेंगी।
चार महिलाओं और 15 बच्चों के अपहरण, उनके साथ बलात्कार व उनकी हत्या के 19 मामलों में सीबीआई ने 16 मामलों में आरोप पत्र दायर किया है।
सभी मामलों की अलग-अलग सुनवाई चल रही है। जहां कोली को सभी मामलों में अपहरण, बलात्कार व हत्या के लिए आरोपित किया गया है, वहीं मनिंदर सिंह पंधेर केवल छह मामलों में सह आरोपी है। पंधेर के ही घर में इन अपराधों को कथितरूप से अंजाम दिया गया था।
शर्मा ने कहा कि दीपाली मामले में कोली अकेला आरोपी था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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