रूस-भारत के बीच 20 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य (राउंडअप)
दिन भर चला भारत-रूस व्यापार और निवेश मंच सम्मेलन के अंत में समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। यह सम्मेलन मेदवेदेव की मंगलवार सुबह से शुरू हो रही दो दिन की भारत यात्रा के अवसर पर आयोजित किया गया। मेदवेदेव प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ वार्ता करेंगे।
एक अधिकारी ने बताया कि समझौते की अनुमानित राशि कम से कम एक अरब डॉलर है और भविष्य में उसका मूल्य कई गुना होने की संभावना है।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि सहयोग के इन क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी, खदान और औषधि के क्षेत्र शामिल हैं।
शर्मा ने कहा भारत और रूस के बीच 2015 तक 20 अरब डॉलर तक के व्यापार लक्ष्य की प्राप्ति के लिए क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान देने की जरूरत है।
व्यापार और निवेश पर चतुर्थ भारत-रूस मंच के रूस-भारतीय व्यापार निवेश संबंध विकास की संभावनाओं के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि उच्च प्रयासों से 2015 तक 20 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नवीन रूप देने के लिए मिलकर काम करना होगा।
मेदवेदेव और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ वार्ता के दौरान व्यापार, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर चर्चा होने की संभावना है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार इस यात्रा के दौरान मेदवेदेव राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा से मुलाकात करेंगे। भारतीय नेताओं के साथ मेदवेदेव की वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर होने की संभावना है।
मेदवेदेव और मनमोहन सिंह के बीच मंगलवार को औपचारिक वार्ता होगी। यह वार्ता दोनों देशों की रणनीतिक साझीदारी के लिए 2000 की घोषणा के बाद का ग्यारहवें दौर का सलाना द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन है।
बुधवार को मेदवेदेव आगरा जाएंगे और उसके बाद भारत की व्यवसायिक नगरी मुम्बई जाएंगे। मुम्बई में वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और फिल्म सिटी भी जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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