विदेश में श्रीलंका को बदनाम कर रहे 'आतंकवादी' : राजपक्षे
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक राष्ट्रपति ने यह बयान एक सैन्य अकादमी में दिया। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति दो सप्ताह पहले लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड यूनियन को सम्बोधित करने वाले थे, लेकिन लंदन स्थित तमिल समुदाय के विरोध के मद्देनजर उनको अपना कायक्रम स्थगित करना पड़ा।
कोलम्बो से 160 किलोमीटर पूर्व स्थित दियातालवा में राजपक्षे ने कहा, "हमारे देश को बदनाम करना और युद्ध नायकों पर युद्ध अपराधों का आरोप लगाना उनका नवीनतम हथियार है।"
ज्ञात हो कि निर्वासन में जीवन गुजार रहे तमिल समूह मई 2009 में श्रीलंका सेना द्वारा तमिल विद्रोहियों के खिलाफ चलाए गए अंतिम अभियान में लगे युद्ध अपराध के आरोपों की जांच की मांग कर रहे हैं। इस लड़ाई में तमिल विद्रोहियों के 26 वर्ष के संघर्ष का अंत हो गया।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि तमिल विद्रोहियों के साथ श्रीलंका सेना की अंतिम महीनों की लड़ाई में 7,500 नागरिकों की जान गई, जबकि श्रीलंका सरकार इससे इंकार करती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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