अस्पताल में भी नायडू का भूख हड़ताल जारी
नायडू राज्य में बारिश से प्रभावित हुए किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
नायडू को सोमवार तड़के न्यू एमएलए क्वार्टर्स से गिरफ्तार कर निजाम चिकित्सा विज्ञाान संस्थान में भर्ती कराया गया था लेकिन उन्होंने इलाज कराने से इंकार कर दिया था। नायडू का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगो को स्वीकार नहीं कर लेती तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
उधर, राज्य सरकार से कोई संकेत नहीं मिला है जिससे पता चले कि क्या वह पिछले सप्ताह विधानसभा में की गई घोषणा से अधिक मुआवजा किसानों को देगी या नहीं।
नायडू के निजी चिकित्सक बी. सोमाराजू ने मंगलवार को उनकी स्वास्थ्य की जांच की। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि नायडू की स्थिति लगातार खराब हो रही है क्योंकि वह न तो कुछ खा रहे हैं और न ही इलाज करा रहे हैं।
सोमाराजू ने कहा कि तेदेपा प्रमुख यदि अपनी भूख हड़ताल जारी रखते हैं तो उनकी स्थिति और खराब हो सकती है।
नायडू राज्य सरकार से मांग कर रहे हैं कि वह किसानों की इस क्षति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे साथ ही खाद्य फसलों के नुकसान के लिए प्रति एकड़ के हिसाब से 10,000 रुपये तथा व्यावसायिक फसलों के लिए 15,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दे।
सरकार द्वारा घोषित किए गए मुआवजे को अल्प करार देते हुए नायडू ने शुक्रवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी थी।
उधर, तेदेपा कार्यकर्ताओं ने दूसरे दिन भी अपने नेता की गिरफ्तारी के विरोध में बंद का ऐलान किया है।
पार्टी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली जाकर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और कृषि मंत्री शरद पवार से मुलाकात कर नायडू की हालत और किसानों की समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करेगा।
तेदेपा विधायक ई. दयाकर राव ने संवाददाताओं को बताया कि यदि सरकार हमारी मांगे नहीं मानती है तो प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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