लखनऊ में प्याज ने बिगाड़ा रसोई का जायका
लखनऊ में खुदरा बाजारों में प्याज 55-60 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है तो थोक मंडियों में प्याज का भाव 50 रुपये प्रति किलोग्राम है। अमीनाबाद बाजार के फुटकर दुकानदार महेश सोनकर कहते हैं कि 240 रुपये पसेरी (पांच किलो) मूल्य में हमें ही प्याज खरीद पर मिल रहा है। इसलिए हम 60 रुपये में बेचने को मजबूर हैं।
दुबग्गा मंडी के थोक आढ़ती मोहम्मद शाहरूख कहते हैं कि इस बार बारिश के चलते प्रदेश में प्याज और लहसुन की फसल चौपट हो गई। महाराष्ट्र में इस बार फसल देरी से आने के कारण एकदम से दाम बढ़ गए हैं। एक अन्य आढ़ती मोहम्मद अतीक कहते हैं कि बाजारों में प्याज के दाम अभी और बढ़ने की आशंका है।
एक सप्ताह पहले राजधानी में लोग 30 रुपये प्रति किलो प्याज खरीद रहे थे। अचानक कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी ने रसोई का जायका बिगाड़ कर रख दिया है। सिटी मान्टेसरी स्कूल में शिक्षिका राधिका अवस्थी कहती हैं, "जिस तरह से प्याज के मूल्यों में दिन प्रतिदिन वृद्धि हो रही है..उससे लगता है कि आने वाले दिनों में बिना प्याज का भोजन खाना पड़ेगा। आजकल पाव भर(250 ग्राम) में पूरा सप्ताह चलाते हैं।"
बिजली विभाग में कार्यरत भावना वाल कहती हैं कि प्याज आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है। सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाये तो प्याज का भाव 100 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच जाएगा। उधर राज्य सरकार की तरफ से फिलहाल प्याज के दामों में राहत दिलाने जैसी कोई पहल नहीं दिख रही है। इस सम्बंध में राज्य मंडी परिषद के निदेशक राजेश कुमार सिंह से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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