राज्य सरकारों के साथ समन्वय बढ़ाएं कार्यकर्ता : सोनिया
पार्टी के 83वें महाधिवेशन में समापन भाषण देते हुए गांधी ने कहा कि कांग्रेस अपने जनजागरण अभियान के हिस्से के तौर पर प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में कम से कम एक जनसभा करेगी, ताकि लोगों को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की उपलब्धियों की जानकारी मिल सके और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा के दोहरे मापदंड को उजागर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) को सरकार की कल्याणकारी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की क्रमबद्ध जानकारी लेने के लिए एक निगरानी समिति गठित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी की जिला एवं खंड इकाइयों को इस अभ्यास में शामिल किया जाना चाहिए तथा पीसीसी निगरानी समिति को एक आकलन रिपोर्ट प्रत्येक तिमाही में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को भेजनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीसीसी को कम से कम वर्ष में एक बार प्रतिनिधि सत्र बुलाना चाहिए।
गांधी ने कहा कि जिन राज्यों में पार्टी सत्ता में है, कांग्रेस समन्वय समिति बनाएगी, ताकि सरकार और पार्टी संगठन के बीच लगातार संपर्क सुनिश्चत हो सके।
उन्होंने कहा, "ऐसी ही समितियां विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में भी बनाई जाएंगी, ताकि कांग्रस विधायक दल और पार्टी संगठन के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।"
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम एवं केरल जैसे प्रमुख राज्यों में अगले वर्ष होने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी वहां कामयाब होगी, लेकिन हमें आत्मसंतुष्ट नहीं होना चाहिए।
गांधी ने कहा, "यह आसानी से समझने वाली बात है कि एकता, कड़ी मेहनत और अनुशासन का कोई विकल्प नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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