भूख हड़ताल पर बैठे नायडू गिरफ्तार, तेदेपा का प्रदर्शन (लीड-2)

राज्य के कई हिस्सों में हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं। तेदेपा कार्यकर्ताओं ने सरकारी बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के शटर जबरन गिरा दिए।

हैदराबाद में बंद आंशिक रूप से सफल रहा। सड़कों से बसें नदारद रहीं, जबकि शैक्षिक संस्थान, दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

बेहद नाटकीय घटनाक्रम और तनाव के बीच पुलिस ने तड़के करीब 4.30 बजे नायडू, उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठे बेटे लोकेश और तेदेपा के कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।

नायडू की गिरफ्तारी के बाद तेदेपा कार्यकर्ताओं ने राज्य के सभी 23 जिलों में प्रदर्शन किया। तेदेपा समर्थक सड़कों पर उतर आए और मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी के पुतले जलाए और कई जगहों पर सड़कों को अवरुद्ध कर दिया जिससे बसों की आवाजाही प्रभावित हुई।

तेदेपा नेता पी. केशव ने कहा, "यदि आवश्यक हुआ तो हम राज्य की किसान विरोधी सरकार के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे।"

गिरफ्तारी के बाद नायडू को निजाम चिकित्सा विज्ञान संस्थान (एनआईएमएस) में भर्ती कराया गया, जहां वह अपनी भूख हड़ताल अब तक जारी रखे हुए हैं। तेदेपा के नेताओं ने दावा किया है कि नायडू ने इलाज कराने से भी इंकार कर दिया है।

उनसे मिलने गए तेदेपा नेताओं से नायडू ने कहा कि वह भूख हड़ताल तब तक जारी रखेंगे, जब तक सरकार किसानों को राहत देने का पुख्ता आश्वासन नहीं देगी।

तेदेपा प्रमुख नायडू पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। वह हाल की मूसलाधार बारिश में अपनी फसल गवां बैठे किसानों के लिए सरकार से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

नायडू की गिरफ्तारी को उचित ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री डी.एल. रवींद्र रेड्डी ने कहा कि उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें चिकित्सा मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी थी।

एनआईएमएस के निदेशक पी.वी. रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि चिकित्सक नायडू की हालत की गहन निगरानी कर रहे हैं। उन्होंेने कहा कि बिगड़ते स्वास्थ्य के मद्देनजर नायडू को भूख हड़ताल खत्म कर देनी चाहिए।

नायडू की पत्नी भुवनेश्वरी, राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजीत सिंह, जम्मू एवं कश्मीर राष्ट्रीय पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष भीम सिंह एवं तेदेपा नेताओं के साथ ही मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता एनआईएमएस जाकर नायडू से मिले और एकता प्रकट की।

कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री मोहम्मद अली शब्बीर ने नायडू के अनशन को 'बेतुका' बताया और कहा कि उनके शासनकाल (1995-2004) के दौरान सैकड़ों किसानों ने आत्महत्या कर ली थी।

नायडू की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को तेदेपा के बंद के आह्वान का भाकपा एवं माकपा ने भी समर्थन किया।

हैदराबाद, तिरुपति, विशाखापत्तनम, गुंटूर और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए।

तेदेपा नेताओं का कहना है कि लोकेश को उस समय मामूली चोट भी आई जब उन्होंने अपने पिता की गिरफ्तारी का विरोध करने की कोशिश की। पार्टी के कई अन्य नेताओं को भी मामूली चोट आई है।

तेदेपा के एक विधायक ने कहा, "भूख हड़ताल पर बैठे नायडू को जिस तरीके से गिरफ्तार किया गया वह आपातकाल के दिनों की याद दिलाता है।"

नायडू का रक्तचाप, शुगर और सोडियम का स्तर घट जाने के बाद रविवार शाम से ही पुलिस उनकी गिरफ्तारी की तैयारी में जुट गई थी।

इससे पहले नायडू ने राज्य के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी की अनशन तोड़ने की अपील ठुकरा दी थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+