सड़कों पर उतरे सपा कार्यकर्ता, 500 हिरासत में
पार्टी नेताओं को राजनीतिक रंजिश के चलते फंसाने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं ने सभी जिला मुख्यालयों पर राज्य सरकार के खिलाफ धरना-प्रदशर्न किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ नारेबाजी की।
राजधानी लखनऊ सहित ज्यादातर स्थानों पर सपा का प्रदर्शन हालांकि शांतिपूर्ण रहा लेकिन बरेली, मुरादाबाद, बाराबंकी, प्रतापगढ़ और इलाहाबाद सहित कई स्थानों पर सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ तीखी झ्झड़पें हुईं। पुलिस का दावा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कहीं पर कोई घायल नहीं हुआ।
लखनऊ के पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) बी.पी.अशोक ने संवाददाताओं को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कैसरबाग इलाके स्थित जिला मुख्यालय पर धरना दिया तथा विरोध प्रदर्शन किया जो पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने संवाददाताओं को बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को प्रदेश के कई जिलों में बेवजह निशाना बनाकर हिरासत में लिया गया।
चौधरी ने कहा, "बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार हमें डराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। हमारे नेताओं को फर्जी तरीके से फंसाकर गिरफ्तार किए जाने से हम भयभीत होने वाले नहीं हैं। हम बसपा सरकार की तानाशाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ हर लड़ाई लड़ेंगे।"
मालूम हो कि प्रतापगढ़ जिले में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार मनोज शुक्ला द्वारा कुंडा से निर्दलीय विधायक राजा भैया, सपा के सांसद (कौशांबी) शैलेंद्र कुमार, विधानसभा सदस्य विनोद सरोज और विधान परिषद के सदस्य अक्षय प्रताप सिंह सहित तेरह लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद इन नेताओं को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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