विकिलीक्स खुलासा : हसीना, जिया को लेकर चिंतित था भारत
भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी और ब्रिटिश व अमेरिकी कूटनीतिज्ञों की दिल्ली में हुई बैठक में बांग्लादेश के घटनाक्रम पर चिंता जताई गई थी।
प्रमुख सलाहकार फखरुद्दीन अहमद की कार्यवाहक सरकार ने हसीना और जिया को जेल में डाल दिया था और कथित तौर पर जिया पर परिवार सहित सऊदी अरब निर्वासित होने के लिए दबाव बनाया था। दरअसल उन्होंने एक सौदे के तहत यह दबाव बनाया था जिसमें जिया से राजनीति से पीछे हटने की बात कही गई थी।
लगभग इसी दौरान हसीना को चिकित्सा के लिए विदेश जाने को पैरोल की अनुमति मिल गई थी। हसीना को घर वापसी से रोकने का प्रयास असफल रहा क्योंकि उन्होंने ब्रिटेन में इसका मुखर विरोध शुरू कर दिया था।
दिल्ली में 27 अप्रैल, 2007 को हुई बैठक में भारतीय अधिकारी मोहन कुमार ने कहा था कि शेख हसीना और खालिदा जिया को वापसी की इजाजत देकर बांग्लादेश एक चौराहे पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा था कि इस फैसले से वहां की सरकार कमजोर होगी।
समाचार पत्र 'द डेली स्टार' के मुताबिक कुमार ने अमेरिकी दूतावास के अधिकारी टेड ओसियस और ब्रिटिश राजनीतिक सलाहकार एलेक्स हॉल के साथ यह बैठक की थी।
संदेश में कहा गया है कि अमेरिका, ब्रिटेन और भारत की भूमिका का कार्यवाहक सरकार के विश्वसनीय चुनाव कराने में योगदान रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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