प्रधानमंत्री ने खाद्य सुरक्षा और शिक्षा पर दिया जोर
कांग्रेस के 83वें महाधिवेशन को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "हम चाहते हैं कि देश का कोई भी नागरिक भूखा न सोए। हम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि अच्छे मानसून के कारण इस वर्ष देश में गेहूं और चावल का अच्छा उत्पादन होगा और अब सरकार का ध्यान खाद्यान्नों के वितरण पर है ताकि भूख की समस्या से निपटा जा सके।
प्रधानमंत्री ने शिक्षा के अधिकार कानून के क्रियान्वयन के लिए राज्यों और केंद्र सरकार के बीच सहयोग की अपील की। इस कानून के तहत छह से 14 साल के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने की व्यवस्था है।
उन्होंने कहा, "राज्यों के सहयोग से काम करते हुए केंद्र सरकार शिक्षा के अधिकार कानून के क्रियान्वयन के लिए पूरा प्रयास करेगी।"
उन्होंने कहा, "आज करीब-करीब देश के हर बच्चे की पहुंच में प्राथमिक शिक्षा है और अब हम माध्यमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहते हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा और शोध विश्वविद्यालयों की राष्ट्रीय परिषद को स्थापित करने के लिए विधेयक संसद में पेश किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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