नायडू ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी

उमर फ़ारूक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिख कर किसानों की सहायता की अपील की है.
आंध्रप्रदेश के किसानों को तूफ़ान से तबाह हुई फसल का मुआवज़ा दिलाने के लिए आमरण अनशन कर रहे तेलुगू देशम पार्टी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिख कर किसानों की सहायता की अपील की है.
इस चिट्ठी में चंद्रबाबू नायडू ने मांग की है कि सरकारी संस्थाएँ तूफ़ान की वजह से ख़राब हुए धान को ख़रीदें.
दरअसल चंद्रबाबू का कहना है की हाल की तूफानी बारिश और बाढ़ में लगभग 60 लाख एकड़ पर खड़ी फसल नष्ट हो गई है और किसान पूरी तरह तबाह हो गए हैं.
उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने फसल के लिए ऋण लिया था या जो दूसरों की भूमि पर खेती कर रहे थे, उनके हालात इतने ख़राब हो गए हैं कि वो आत्महत्या कर रहे हैं.
दूसरी ओर राज्य के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी दिल्ली में हैं.
उन्होंने भी किसानों के नाम एक खुला पत्र लिख कर कहा है की वह विपक्षी दलों के बहकावे में न आएँ और राज्य सरकार किसानों की सहायता के लिए क़दम उठा रही है.
रेड्डी ने कहा कि किसानों को दिए गए ऋण की वसूली को टाला जा रहा है और सरकार ने ख़राब होने वाले धान की ख़रीद शुरू कर दी है. किसानों के इस मुद्दे ने अब पूरी तरह से राजनैतिक रंग ले लिया है. नायडू के बाद अब बाग़ी कांग्रेस नेता वाईएस जगनमोहन रेड्डी भी 21 और 22 दिसंबर को विजयवाड़ा में भूख हड़ताल पर बैठने वाले हैं. उनका दावा है कि एक लाख समर्थक भूख हड़ताल में उनका साथ देंगे. तो उधर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि नायडू और जगन दोनों ही इस मुद्दे का राजनीतिक फ़ायदा उठाना चाहते है और सत्ता के लिए ये सारा नाटक कर रहें है.
किसानों के इस मुद्दे ने अब पूरी तरह से राजनैतिक रंग ले लिया है
शनिवार को चंद्रूबाबू नायडू के अनशन का दूसरा दिन था. वे कमज़ोर दिखाई दे रहे थे.
डॉक्टरों का कहना है कि उनका रक्तचाप बढ़ गया है लेकिन वे स्वस्थ हैं. उनसे मिलने वालों का तांता लगा रहा.
नायडू से मिलने के लिए कई लोग पहुँचे. इनमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता प्रकाश करात, भूतपूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा और जनता दल (यू) के नेता शरद यादव शामिल थे.
इन नेताओं ने नायडू का समर्थन करते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय स्तर पर उनका साथ देने के लिए किसानों की समस्याओं पर आंदोलन आयोजित करेंगे.


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