कास्त्रो ने आर्थिक सुधार पर सहयोग मांगा

संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि क्रांति का भविष्य दाँव पर है. राष्ट्रपति कास्त्रो ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि आर्थिक सुधारों का उद्देश्य प्राइवेट कंपनियों पर लगी पाबंदियों में ढील देना है.
उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम देश की समाजवादी व्यवस्था को बचाने के लिए बनाए गए हैं. इसका मक़सद पूँजीवादी व्यवस्था लौटाना नहीं है. राष्ट्रपति कास्त्रो ने देश रसातल में जाने की स्थिति में था और अगर आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो देश रसातल में जाएगा.
क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी अगले साल अप्रैल में एक बैठक करेगी, जिसमें औपचारिक रूप से आर्थिक सुधारों के लिए उठाए जा रहे क़दमों को मंज़ूरी दी जाएगी. इन क़दमों में पाँच लाख सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी करना भी शामिल है.
राष्ट्रपति कास्त्रो ने देश की संसद को दो घंटे तक संबोधित किया, जो राष्ट्रपति पद संभालने के बाद उनका अब तक का सबसे लंबा भाषण था. उन्होंने कहा, "हम क्रांति की ज़िंदगी से खेल रहे हैं. हम या तो इस स्थिति को सुधार सकते हैं या फिर हमे रसातल में गिरने से कोई बचा नहीं पाएगा."
उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य पूँजीवादी व्यवस्था को लौटाना नहीं बल्कि उनके भाई फ़िडेल कास्त्रो ने 1959 की क्रांति के बाद जो समाजवादी व्यवस्था बनाई थी, उसे बचाना है. राष्ट्रपति कास्त्रो ने अपने भाषण में क्यूबा के प्रति ओबामा प्रशासन की नीतियों की आलोचना भी की.
उन्होंने कहा, "अमरीका की ओर से क्यूबा के प्रति अपनी नीतियों में बदलाव की कोई मंशा नहीं दिखती. ये नीतियाँ तार्किक नहीं हैं और न उनमें रत्ती भर विश्वसनीयता ही है."












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