शिक्षा से दूर होगी नक्सल समस्या : पवार

अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के 15वें अधिवेशन में पवार ने कहा कि राज्य सरकारों को जनजातीय वर्ग के विकास के लिए जनसंख्या के अनुपात में बजट का आवंटन करना चाहिए।

जनजातीय वर्ग के नेताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस वर्ग के विकास से सम्बंधित मुद्दों के लिए राज्य सरकारों को संवेदनशील बनाने का काम करें।

पवार ने केंद्र सरकार की आगामी योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि जनजातीय वर्ग के साथ गरीबों को खाद्य सुरक्षा देने के लिए कानून बनाया जा रहा है, इस कानून के जरिए गरीबों को दो रुपये किलो गेहूं, तीन रुपये किलो चावल और एक रुपये किलो की दर से कोंदो व कुटकी जैसे छेाटे अनाज उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस मौके पर लोकसभा के उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने उजड़ते वनों पर चिंता जताते हुए कहा कि जनजातियों ने जंगल बचाने का काम किया है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी सरकार द्वारा जनजातीय वर्ग के लिए किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि इस वर्ग की 21 प्रतिशत जनसंख्या के मद्देनजर 21 प्रतिशत बजट आवंटित किया गया है, इसमें और भी इजाफा किया जाएगा।

चौहान ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार जनजातीय वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

झारखण्ड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने जनजातीय वर्ग को उदारवादी प्रवृत्ति का बताया। इस मौके पर परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोमजी भाई डामोर ने जनजातीय वर्ग की समस्याओं की चर्चा की। अधिवेशन में आधा दर्जन राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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