हेलीकॉप्टर की उड़ानों से जयराम परेशान
रमेश ने शनिवार को पटेल को लिखे अपने पत्र में कहा है कि सतकोसिया बाघ अभयारण्य के ऊपर हेलीकॉप्टर की नीची उड़ान के बारे में उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने पत्र में लिखा है, "यह पता चला है कि नवम्बर 2009 और सितम्बर 2010 में ऐसा दो बार हुआ।" पत्र की एक प्रति आईएएनएस के पास मौजूद है।
पत्र में कहा गया है, "जैसा कि आप जानते हैं, वन्य जीव अभयारण्य के ऊपर इस तरह की नीची उड़ानें, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत शिकार के दायरे में आती हैं, क्योंकि वन्य जंतुओं के लिए इससे परेशानी होती है।"
रमेश ने लिखा है, "राज्य प्रशासन ने नागरिक उड्डयन विभाग, कोलकाता के वायु यातायात प्रबंधन इकाई में इस सम्बंध में एक शिकायत दर्ज कराई है।"
पर्यावरण मंत्री ने कहा है, "मैं इस मामले में आपके हस्तक्षेप की बहुत प्रशंसा करूंगा। आपकी तरफ से सभी सम्बंधित अधिकारियों को आरक्षित क्षेत्र में इस तरह की नीची उड़ानों को टालने सम्बंधी दिशानिर्देश वन्यजीव संरक्षण में बहुत मददगार होगा।"
एक अलग पत्र में रमेश ने उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
रमेश ने यह पत्र ऐसे समय में लिखा है, जब उड़ीसा के वाइल्डलाइफ सोसायटी के सचिव, बिश्वजीत मोहंती ने बाघ अभयारण्य के ऊपर हेलीकॉप्टर की कथित उड़ान के बारे मे पर्यावरण मंत्रालय को लिखा था।
उड़िया दैनिक 'सम्बाद' ने इस महीने के प्रारम्भ में खबर प्रकाशित की थी कि बीजू जनता दल (बीजद) के लोकसभा सांसद बैजयंत पांडा ने वन्यजीव अधिकारियों से अनुमति लिए बगैर ही अभयारण्य के ऊपर काफी नीचे से हेलीकॉप्टर से ऊड़ान भरी थी। पांडा केंद्रपाड़ा संसदीय क्षेत्र का नेतृत्व करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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