दवा उद्योग में 1 अरब डॉलर के निवेश पर गुजरात की नजर
अहमदाबाद, 19 दिसम्बर (आईएएनएस)। गुजरात अगले महीने यहां होने वाले व्यापारिक सम्मेलन में दवा उद्योग में एक अरब डॉलर से अधिक कीमत के करारों पर नजर गड़ाए हुए है। देश में दवा उद्योग के कुल कारोबार का लगभग आधा हिस्सा गुजरात में पहले से ही होता है। इस नए निवेश के साथ गुजरात दवा उद्योग का वैश्विक केंद्र बनना चाहता है।
गुजरात के प्रमुख उद्योग सचिव एम.साहू ने कहा, "हमारी सरकार पहले से सक्रिय है। हमारे पास व्यवस्था है। व्यवस्था में विवेकाधीन प्रक्रिया कम है। इसीलिए हमारे यहां उद्योग लगाने को लोग प्राथमिकता देते हैं।"
साहू ने आईएएनएस को बताया, "हमारे राज्य में जो कुछ भी होता है, वह नीतिगत तरीके से होता है। जाहिर तौर पर कई चीजों के समुच्चय ने उद्योग को यहां समृद्ध होने में मदद किया है। यहां का अच्छा कानून, पर्याप्त ऋण और दूरदर्शी नेतृत्व औद्योगिक वृद्धि को अबाध बनाए हुए है।"
साहू ने कहा कि यदि 'वाइब्रैंट गुजरात' के पूर्व संस्करण में 2009 में दवा उद्योग ने 26 करारों के जरिए 50 करोड डॉलर कीमत का निवेश आकर्षित किया था, तो इस बार यदि ज्यादा नहीं तो इस राशि का दोगुना निवेश तो निश्चित रूप से आने वाला है।
निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रत्येक दो वर्ष में प्रदेश में 'वाइब्रैंट गुजरात' आयोजन किया जाता है। इस बार यह आयोजन 12 और 13 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन की देखरेख व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी खुद करते हैं। उन्होंने देश से बाहर के निवेशकों से कहा है कि वे स्वयं आकर राज्य की स्थिति और वातावरण का जायजा लें तब जाकर निवेश करें।
उल्लेखनीय है देश में दवा उद्योग का कुल कारोबार 20 अरब डॉलर का है। इसमें से 9 अरब डॉलर दवा का निर्यात किया जाता है। दवा के कुल कारोबार में गुजरात का हिस्सा 45 फीसदी है। इसी तरह कुल निर्यात में गुजरात का हिस्सा 22 फीसदी है।
'वाइब्रैंट गुजरात' में 60 देशों के 20 हजार प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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