बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक संगठनों में अंतर नहीं : सोनिया
राजधानी के बुराड़ी में पार्टी के तीन दिवसीय 83वें महाधिवेशन को सम्बोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि देश की पहचान धर्मनिरपेक्षता के प्रति गहरी व मजबूत प्रतिबद्धता वाले राष्ट्र के रूप में है और देश ने सभी प्रकार की साम्प्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष किया है।
गांधी ने कहा, "कांग्रेस आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों और साम्प्रदायिकता में लिप्त बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदाय के संगठनों में कोई भेदभाव नहीं करती।"
उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता का मतलब किसी धर्म का अपमान नहीं बल्कि सभी धर्मो का सम्मान और दूसरों के धर्मो और विश्वास उत्सव होता है।
उन्होंने कहा, "हम अपने इतिहास को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तिओं, संस्थाओं और विचारधाराओं के हानिकारक प्रभाव को नजरअंदाज नहीं कर सकते। वे धार्मिक पूर्वाग्रह फैलाने और धर्म की आड़ में लोगों को हिंसा के लिए उकसाती हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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