विकिलीक्स खुलासा : राहुल की 'टिप्पणी' पर राजनीति गरमाई (राउंडअप)
उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने गांधी के इस बयान की कड़ी आलोचना की है।
समाचार पत्र 'गार्जियन' में शुक्रवार को प्रकाशित एक संदेश में कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पुत्र और लोकसभा सदस्य राहुल गांधी ने अपनी यह टिप्पणी गत वर्ष अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोमर के समक्ष दिया था।
राहुल ने कथित रूप से रोमर से कहा था कि यद्यपि आतंकी संगठन, लश्कर-ए-तैयबा को भारतीय मुस्लिम समुदाय के कुछ खास तत्वों का समर्थन होने के प्रमाण है, लेकिन चरमपंथी हिंदू संगठनों का अभ्युदय ज्यादा खतरनाक हो सकता है। ये हिंदू संगठन धार्मिक तनाव और मुस्लिम समुदाय के साथ राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा करते हैं।
जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे गैरजिम्मेदाराना करार देते हुए इस पर प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण मांगा है तो खुद राहुल के हवाले से जारी बयान में कहा गया है कि कांग्रेस आतंकवाद और साम्प्रदायिकता दोनों को खतरा मानती है।
अखबार के अनुसार राहुल ने रोमर से कहा था कि घरेलू स्तर पर तैयार हुए उग्रवादी मोर्चे के कारण पाकिस्तान या भारत के इस्लामी समूहों की ओर से प्रतिक्रियास्वरूप आतंकी हमले किए जा रहे हैं और यह खतरा चिंता का एक विषय है। इस पर बराबर ध्यान रखे जाने की जरूरत हो गई है।
गांधी की रोमर से यह बातचीत वर्ष 2009 में हुई थी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उस समय भारत के दौरे पर आईं अमेरिकी विदेश सचिव हिलेरी क्लिंटन के सम्मान में उन्हें रात्रिभोज पर आमंत्रित किया था।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने राहुल की ओर से बयान पढ़ते हुए कहा, "हर तरह का आतंकवाद और सांप्रदायिकता भारत के लिए खतरा हैं। हमें हर तरह के आतंकवाद से सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह मायने नहीं रखता कि घटना को अंजाम कौन देता है।"
गांधी की प्रतिक्रिया आने से पहले कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि कट्टरपंथी हिंदू संगठनों पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बारे में जारी विकिलीक्स के संदेश की प्रामाणिकता जांचने के बाद ही पार्टी इस पर कोई टिप्पणी करेगी। सिंघवी ने भाजपा की आलोचना को महत्वहीन बताते हुए उसे खारिज कर दिया। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, "क्या लोग इस तरह के आरोपों पर ध्यान देते हैं?"
भाजपा ने शुक्रवार को राहुल की टिप्पणी को गैरजिम्मेदार बताते हुए भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "यह बयान गैरजिम्मेदाराना है, भाजपा इसकी निंदा करती है। यदि राहुल हिंदू आतंकवाद को लेकर चिंतित हैं तो उन्हें उसके बारे में संसद में बोलना चाहिए.. इससे यह पता चलता है कि उन्हें देश के बारे में कितनी कम जानकारी है।"
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रवक्ता राम माधव ने इस बयान को हिंदू विरोधी मानसिकता का परिचायक बताया है। भोपाल में संवाददाताओं से शुक्रवार को बातचीत में माधव ने कहा कि राजनयिक सम्बंधों की सीमा लांघते हुए अमेरिकी राजदूत के पास जाकर अपने आंतरिक मामलों की चर्चा करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके इस कार्य से यह भी स्पष्ट हो रहा है कि उन्हें राजनीति का अनुभव नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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