कांग्रेस महाधिवेशन : हिन्दू आतंकवाद पर आक्रामक होने की तैयारी (लीड-1)
इस महाधिवेशन में जिस राजनीतिक प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है, उनमें चरमपंथी हिन्दू संगठनों की आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता की सरकार से जांच कराए जाने की मांग भी शामिल हो सकती है।
तीन दिवसीय महाधिवेशन में पारित किए जाने वाले राजनीतिक, आर्थिक और विदेश मामलों के प्रस्तावों पर शनिवार को विषय समिति की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की।
संसद भवन परिसर स्थित संसदीय सौंध में चार घंटे तक चली इस बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हुए। उनके अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी, कोषाध्यक्ष मोतीलाल बोरा भी बैठक में उपस्थित थे।
सूत्रों ने बताया कि कुछ सदस्यों ने ऐसा सुझाव दिया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जैसे दक्षिणपंथी हिन्दू संगठनों की आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता की भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि केरल, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के सदस्यों ने आग्रह किया कि राजनीतिक प्रस्ताव में वामपंथी दलों का जिक्र अन्य विपक्षी दलों की तर्ज पर न हो, बल्कि उसका नाम लेकर हो। केरल और पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इन दोनों राज्यों में कांग्रेस विपक्षी दल है।
एक वरिष्ठ नेता ने बताया, "राजनीतिक प्रस्ताव में कांग्रेस को ऐसे राष्ट्रीय पार्टी के रूप में पेश किया जाएगा, जो सभी क्षेत्रीय अपेक्षाओं पर खरा उतरने का माद्दा रखती है।"
सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावों में भ्रष्टाचार का भी जिक्र रहेगा और इसमें 2जी स्पेक्ट्रम की अपेक्षा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा को निशाना बनाया जाएगा। राजनीतिक प्रस्ताव में जम्मू एवं कश्मीर की वर्तमान स्थिति, सीमापार आतंकवाद और नक्सलवाद का जिक्र रहने की पूरी सम्भावना है।
आर्थिक प्रस्ताव में समेकित विकास का जिक्र आ सकता है जबकि विदेश मामलों के प्रस्ताव पर विदेशी राष्ट्रों के बीच भारत की बढ़ती भूमिका का मुद्दा केंद्र में रहेगा।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि राजनीतिक प्रस्ताव में इस बात पर जोर रहेगा कि कांग्रेस देश की एकमात्र राष्ट्रीय पार्टी है, जिसकी देश भर में मौजूदगी है। इसमें आम जीवन और आंतरिक सुरक्षा क्षेत्र की चुनौतियों के मुद्दे भी शामिल होंगे।
इस महाधिवेशन में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के 1,250 सदस्य तथा लगभग 15,000 नेता और कार्यकर्ता शमिल होंगे।
कांग्रेस का यह महाधिवेशन उस समय आयोजित किया जा रहा है जब पार्टी भ्रष्टाचार से जुड़े कई घोटालों और विवादों का सामना कर रही है।
सोनिया गांधी रविवार सुबह महाधिवेशन को संबोधित करेंगी। दिल्ली 32 वर्षो में पहली बार कांग्रेस के महाधिवेशन की मेजबानी कर रही है। इससे पहले दिल्ली में कांग्रेस का महाधिवेशन वर्ष 1978 में आयोजित किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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