सीबीआई का जवाब देने के लिए तैयार : अरुण शौरी
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच 2001 से करने का निर्देश दिया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता शौरी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के शासन काल में 2003 से 2004 तक संचार मंत्री थे। उनसे पहले इस पद पर उनकी ही पार्टी के नेता स्वर्गीय प्रमोद महाजन थे।
शौरी ने कहा कि राजा ने कुछ कम्पनियों को लाभ पहुंचाने के लए मंत्रालय के 'पहले आओ पहले पाओ' नीति और प्राथमिकता सूची को बदल दिया।
उन्होंने कहा कि पहले आओ पहले पाओ नीति को प्रमोद महाजन ने शुरू किया था। उन्होंने इसे जारी रखा था।
उन्होंने आगे कहा कि उनके बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन काल में संचार मंत्री दयानिधि मारन और उसके बाद ए. राजा ने मंत्रालय की इस नीति को बदल डाला।
शौरी ने स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में सर्वोच्च न्यायालय के सीबीआई को 2001 से जांच करने का निर्देश देने का स्वागत किया और कहा कि जांच एजेंसी को राजा पर मुकदमा शुरू करने में देरी नहीं करना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज एजेंसी।


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