'पाक-चीन में परमाणु करार पर अमेरिका को आपत्ति नहीं होगी'
इस्लामाबाद, 18 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिकी राजदूत ने यहां कहा कि पाकिस्तान और चीन के बीच किसी असैन्य परमाणु करार पर अमेरिका को आपत्ति नहीं होगी, बशर्ते वह ऐसे समझौतों के अंतर्राष्ट्रीय नियमों को माने। अमेरिका के भी पाकिस्तान के साथ इस तरह के समझौते की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
समाचार पत्र 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत कैमरन मुंटर ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका ने हाल ही में भारत के साथ असैन्य परमाणु समझौता किया है तथा पाकिस्तान के साथ भी इस तरह के समझौते की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
मुंटर ने ये बातें यहां मीडिया के साथ बातचीत के दौरान कही।
आतंकवाद से लड़ने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान उत्तरी वजीरिस्तान में जल्द सैन्य अभियान शुरू करे।
मुंटर ने कहा कि ऐसा अभियान कब शुरू किया जाएगा, इसका निर्णय वह पाकिस्तान की सेना के ऊपर छोड़ते हैं।
सेना ने अमेरिका को आश्वस्त किया है कि वह उत्तरी वजीरिस्तान में कार्रवाई सही वक्त पर शुरू करेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेश कार्यालय ने हालांकि उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र में कार्रवाई को लेकर अमेरिकी दबाव की बात से इंकार किया है।
अमेरिका उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र को 'आतंकी गतिविधियों का केंद्र' कहता है। विदेश कार्यालय का कहना है कि अभियान तभी शुरू किया जाएगा, यदि वह पाकिस्तान के 'हित' में होगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने इसी समाचार पत्र ने खबर प्रकाशित की थी कि उत्तरी वजीरिस्तान के कबायली इलाके में सैन्य अभियान कब और कैसे शुरू किया जाए, इस पर निर्णय लेने के लिए पाकिस्तान सरकार ने सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी को अधिकृत किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications