सुनील जोशी हत्याकांड की गुत्थी सुलझने का दावा
ज्ञात हो कि जोशी की वर्ष 2007 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच चली मगर सफलता न मिलने पर पुलिस ने इस हत्याकांड की फाइल बंद कर दी थी। अजमेर धमाकों के आरोप में पकड़े गए हर्षद से पूछताछ के दौरान पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे जिसके बाद इस हत्याकांड की जांच दोबारा शुरू कर दी गई।
औद्योगिक थाना क्षेत्र के प्रभारी विनोद कुशवाहा ने शनिवार को आईएएनएस को बताया कि हर्षद ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि जोशी द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार से परेशान होकर उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में दो अन्य आरोपियों आनंद राज व वासुदेव को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड के दो अन्य अरोपी अभी तक फरार हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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