पाकिस्तान ने भारतीय सीमा से ध्यान हटाया : अमेरिका
वाशिंगटन, 18 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान ने भारत के साथ लगी अपनी पूर्वी सीमा से अपना ध्यान हटा रहा है। देश के भीतर आए बुनियादी बदलावों की वजह से पाकिस्तानी सेना की सोच में परिवर्तन के चलते पाकिस्तान ने यह निर्णय स्वयं लिया था।
अमेरिका का कहना है कि भारत के साथ लगी सीमा से सैनिकों को हटाने के पाकिस्तान के निर्णय में उसकी कोई भूमिका नहीं रही हालांकि वह यह अवश्य चाहता था कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में मौजूद उग्रवादियों के खिलाफ अधिक आक्रामक कार्रवाई करे।
विदेश विभाग के प्रवक्ता पी.जे.क्राउले ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया, "पहली बात यह कि पाकिस्तान अपनी सेना को किस तरीके से तैनात करता है, यह निर्णय पाकिस्तान लेता है।" क्राउले ने बताया कि पाकिस्तान-भारत सीमा से 140,000 सैनिकों को हटाने में अमेरिका ने वही भूमिका निभाई थी, जिसका जिक्र विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने किया है।
क्राउले ने कहा, "हमने यह बात कभी नहीं छुपाई कि हम चाहते थे कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में उग्रवादी तत्वों के खिलाफ अधिक आक्रामक कार्रवाई करे। ये तत्व खुद पाकिस्तान के लिए भी खतरा हैं।"
क्राउले ने कहा, "और जैसा कि विदेश मंत्री ने कहा है, हमने महसूस देख रहे हैं कि पाकिस्तान ने भारत से लगी सीमा से अपना ध्यान हटा कर स्वात घाटी और उन इलाकों पर केंद्रित किया है, जहां ये उग्रवादी तत्व सक्रिय हैं।"
क्राउले ने कहा, "किसी भी देश की सेना को इन अभियानों के संचालन में पाकिस्तान जितना जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन ये निर्णय पाकिस्तान को लेने थे।"
क्राउले ने कहा, "लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना और संवाद बढ़ाना कुछ ऐसा मामला है, जिस पर हमने दोनों देशों के साथ बातचीत में जोर दिया है।"
यह पूछे जाने पर कि क्या क्लिंटन कोई घोषणा कर रही थीं, क्राउले ने कहा, "जी हां, हमने पाकिस्तानी सेना के रुख में एक निश्चित बदलाव देखा है। लेकिन यह कोई घोषणा नहीं थी।"
क्राउले ने कहा, "मैं समझता हूं कि यह हमारे रणनीतिक संवाद और अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर उपस्थित खतरे से निपटने में हमारे सहयोग के हिस्से के रूप में पाकिस्तान में आए मौलिक बदलाव की एक अभिव्यक्ति थी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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