विकिलीक्स खुलासा : मुम्बई हमले में पाकिस्तानी सेना का हाथ था
मेनन ने अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री रिचर्ड बाउचर से कहा था, "हम यह कह कर एक-दूसरे को अपमानित न करें कि पाकिस्तानी सेना 2008 के हमले में लश्कर-ए-तैयबा के साथ लिप्त नहीं थी।"
ब्रिटिश समाचार पत्र 'गार्जियन' में प्रकाशित एक संदेश में कहा गया है कि मुम्बई हमले के चंद सप्ताह बाद ही बाउचर ने मेनन से मुलाकात की थी। मुम्बई हमले में 166 लोग मारे गए थे और उसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की आशंका पैदा हो गई थी।
संदेश में दोनों राजनयिकों की मुलाकात के बारे में लिखा गया है, "दोनों नेता इस बात पर पूरी तरह सहमत थे कि पाकिस्तान को चाहिए कि वह लश्कर-ए-तैयबा का सफाया कर दे, लेकिन इसके कुछ तरीकों लेकर दोनों असहमत थे।"
संदेश में मेनन को बाउचर से दो टूक बातचीत करते हुए चित्रित किया गया है। मेनन ने कहा था, "यह कहानी सुना कर हम एक-दूसरे को अपमानित न करें कि पाकिस्तानी सेना लिप्त नहीं थी.. वे या तो कार्रवाई करना ही नहीं चाहते, या वे इसमें अक्षम हैं, या फिर वे दोनों स्थितियों में हैं। बहरहाल, आप इसे कैसे भी देखिए, वे इसमें लिप्त थे।"
संदेश में आगे कहा गया है, "बाउचर ने मेनन से भारतीय बयानबाजियों में नम्रता लाने और सैन्य तैनातियों को टालने का आग्रह किया था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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