पाक को 'प्रभावहीन' करने के लिए चीन से रिश्ते जरूरी : शिवसेना
शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में एक लेख में कहा कि भारत को यह महसूस करना होगा कि चीन की सहमति के बिना अमेरिका सुरक्षा परिषद और पाकिस्तान जैसे गम्भीर मुद्दों पर कुछ नहीं करेगा।
सम्पादकीय में कहा गया है, "अमेरिका और रूस अपनी जरूरतों के लिहाज से मित्र -दुश्मन बन जाते हैं। इसी वजह से पाकिस्तान उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) और दक्षिण एशियाई संधि संगठन (सेटो) दोनों का सदस्य है।"
अमेरिका के साथ भारतीय मित्रता के बारे में सम्पादकीय में लिखा गया है, "हमें अपने हितों को ध्यान में रखकर दोस्त और दुश्मन बनाने चाहिए।"
चीन बहुत बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुका है और उसने अमेरिका में बहुत बड़े पैमाने पर निवेश किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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