समाजवादी चिंतक सुरेंद्र मोहन का निधन
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार मोहन ने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे अपनी पत्नी एवं जनता दल की पूर्व कार्यकर्ता मंजू, एक पुत्र तथा एक पुत्री को छोड़ गए हैं।
उनकी अंत्येष्टि शुक्रवार को दोपहर बाद हुई। इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता बड़ी संख्या में मौजूद थे।
अपनी सादगीपूर्ण जीवनशैली और दृढ़ सिद्धांतवादी के रूप में विख्यात मोहन 1978-84 के दौरान राज्यसभा सदस्य और खादी एवं ग्रामीण उद्योग आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं।
उनकी अंत्येष्टि के समय केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, आर्य समाज के नेता स्वामी अग्निवेश तथा प्रसिद्ध पत्रकार कुलदीप नैयर मौजूद थे।
मोहन को 'अंतिम महात्मा गांधी' बताते हुए रेड्डी ने कहा, "मोहन स्वतंत्र भारत के महान समाजवादी बुद्धिजीवियों में से एक थे। वह त्याग और सत्यनिष्ठा की प्रतिमूर्ति थे।"
अपने शोक संदेश में पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा ने कहा कि एक सांसद के रूप में मोहन ने गरीबों, किसानों और अल्पसंख्यकों के हितों के लिए संघर्ष किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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